चंडीगढ़: चंडीगढ़ प्रशासन ने लड़कियों के मिनी स्कर्ट पहनकर बार और डिस्कोथेक में जाने पर बैन लगा दिया है। लड़कियों और महिलाओं को शालीन दिखने वाले कपड़े पहनकर ही डिस्कोथेक में आने के लिए कहा गया है। चंडीगढ़ प्रशासन ने ये बैन सार्वजनिक मनोरंजन 2016 के नियम का हवाला देकर लगाया है। इतना ही नहीं, बार के समय में भी दो घंटे की कटौती करते हुए रात दो बजे की बजाए सिर्फ आधी रात 12 बजे तक बार को खोलने की इजाजत दी गई है।
अगर बार मालिकों ने इन नियमों का पालन नहीं किया तो सरकारी बाबुओं को डिस्कोथेक और बार मालिकों पर बड़ी कार्रवाई के लिए अभूतपूर्व शक्तियां भी दी गई हैं। नाइटलाइफ की आड़ में अभद्रता को नियंत्रित करने के लिए सार्वजनिक मनोरंजन, 2016 नियम का हवाला देकर लागू की गई इस नीति को लोग बेतुका और हास्यास्पद बता रहे हैं। राजद्रोह का हवाला देते हुए सभी के लिए इसका इसका पालन अनिवार्य किया गया है। नौकरशाहों ने पाया था कि शहर के बार और डिस्कोथेक राष्ट्र विरोधी तत्वों के लिए के लिए आधार केंद्र बन गए हैं।
बार और डिस्कोथेक चलाने के संबंध में बनाई गई नीति में कहा गया है कि "कम कपड़े पहने महिलाओं के विज्ञापन लगाने और अभद्रता और विद्रोहात्मक या राजनीतिक असंतोष उत्तेजित करने की संभावना है" तो ऐसे मामले सामने आने की स्थिति में समिति द्वारा अनुमति देने इनकार किया जा सकता है। हालांकि, इस नीति के मसौदे में "कम कपड़े पहने महिलाओं" या "अभद्रता" को परिभाषित करने के साथ ही राजद्रोह पर भी विस्तार से कुछ नहीं कहा गया है।
प्रशासन के इस फैसले की महिलाओं के साथ-साथ बार और डिस्कोथेक संचालकों ने भी निंदा की है। चंडीगढ़ शहर के बार और डिस्कोथेक संचालकों का साफ कहना है कि महिलाओं को क्या पहनना है और क्या नहीं इसे प्रशासन कैसे परिभाषित कर सकता है।