नई दिल्ली: डेंगू के बढ़ते मामले और अस्पतालों में भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने घर पर की जाने वाली सामान्य जांच टार्निक्वेट टेस्ट की सलाह दी है। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि व्यक्ति डेंगू से पीडि़त है या नही। गौरतलब है कि राजधानी में डेंगू का प्रकोप काफी ज्यादा रहता है और इसके कारण ही सैकड़ों लोगों की मौत हो जाती है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया, इस सामान्य जांच उपकरण से लोग स्वयं घर पर शुरूआत में ही डेंगू का पता लगा सकते हैं और अस्पताल जाने के बजाय ज्यादा से ज्यादा द्रव पदार्थ लेना शुरू कर सकेत हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी डेंगू का पता लगाने के लिए टार्निक्वेट टेस्ट उपकरण अपनाने की सलाह दी है। टार्निक्वेट टेस्ट की प्रक्रिया में पांच से छह मिनट लगते हैं। उपरी बांह पर पट्टी बांधी जाती है और उसके बाद बांह पर लाल धब्बे पर गौर किया जाता है ।
अधिकारी ने बताया, जांचकर्ता को उभरे हुए धब्बों की गिनती करनी चाहिए। त्वचा पर अगर 20 के करीब या अधिक धब्बे उभरते हैं तो इसका मतलब है कि व्यक्ति को डेंगू है। लेकिन यह जांच पूरी तरह से विश्वसनीय नही है और इसका प्रयोग बुनियादी जांच के लिए ही किया जा सकता है।