नई दिल्ली: अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन की सीबीआई हिरासत तीन दिन के लिए आज बढ़ा दी गई। यह मामला जिम्बाब्वे में भारतीय दूतावास से जाली दस्तावेजों के आधार पर कथित तौर पर पासपोर्ट हासिल करने से जुड़ा है। उसकी हिरासत अवधि आज समाप्त हो रही थी।
सीबीआई ने दैनिक ब्रीफिंग के दौरान राजन की हिरासत 19 नवंबर तक बढ़ाये जाने की घोषणा की। सीबीआई ने अदालत की कार्यवाही और क्या उसे सीबीआई मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया था इसका विवरण नहीं दिया।
बाली से इस महीने की शुरूआत में भारत लाए जाने के बाद 55 वर्षीय राजन की गुप्त तरीके से केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां सुरक्षा कर रही हैं। राजन ने भारतीय खुफिया एजेंसियों को भारत के सर्वाधिक वांछित आतंकवादी दाउद इब्राहिम के बारे में सूचना दी है।
राजन को भारत लाने की प्रक्रिया पूरी किए जाने से पहले सीबीआई को निर्देश दिया गया था कि वह उसके खिलाफ एक मामला दर्ज करे। एजेंसी ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, पासपोर्ट अधिनियम और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।
यह राजन के खिलाफ जाली पासपोर्ट का दूसरा मामला है। इसके पहले विजय कदम की जाली पहचान के आधार पर बैंकॉक में 1996 में एक अन्य पासपोर्ट जारी किए जाने को लेकर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
सीबीआई प्रवक्ता ने उसकी स्वदेश वापसी की प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद कहा था, यह आरोप लगाया जाता है कि फरार राजेंद्र सदाशिव निखालजे उर्फ छोटा राजन ने मोहन कुमार के जाली नाम पर एक भारतीय पासपोर्ट जिसका नंबर जी 9273860 तैयार कराया। उसने अपना पता 107 बटा बी, पुराना एम सी रोड, आजाद नगर, मांड्या (कर्नाटक) रखा।
राजन ने पासपोर्ट का कथित तौर पर इस्तेमाल 2003 में ऑस्ट्रेलिया भागने के लिए किया। वह तब से लेकर 25 अक्टूबर तक ऑस्ट्रेलिया में ही रहा। उसके बाद वह बाली पहुंचा जहां उसे इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर गिरफ्तार किया गया।