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कर्नाटक असर: राजद ने बिहार में और कांग्रेस ने गोवा, मणिपुर में सरकार बनाने का किया दावा

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : May 18, 2018 06:53 pm IST,  Updated : May 18, 2018 06:53 pm IST

बिहार में राजदऔर गोवा तथा मणिपुर में कांग्रेस सबसे बड़ा दल होने के कारण राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश करने की बात कह रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष...- India TV Hindi
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, राजद नेता तेजस्वी यादव। Image Source : PTI

पटना: पणजी: मणिपुर: कर्नाटक के उदाहरण को बिहार , गोवा और मणिपुर में भी लागू किए जाने की शनिवार को मांग की गयी तथा बिहार में राजद ने और गोवा तथा मणिपुर में कांग्रेस ने राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। दोनों सहयोगियों के इस कदम को लेकर सवाल भी खड़े किए गए क्योंकि इन राज्यों में विधानसभा चुनाव एक साल से भी ज्यादा समय पहले संपन्न हो चुके हैं। माना जा रहा है कि दोनों सहयोगियों के इस कदम का मकसद भाजपा को शर्मसार करना है। गोवा भाजपा के अध्यक्ष विनय तेंदुलकर ने कांग्रेस के इस कदम को ‘‘ नाटक ’’ बताया। उल्लेखनीय है कि इन तीनों राज्यों में राजग को बहुमत हासिल है।

कांग्रेस , हिन्दुस्तानी अवामी मोर्चा और माकपा माले के नेताओं के साथ राजद नेता तेजस्वी यादव ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मांग की कि बिहार में उनकी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी है और उनका चुनाव के पहले का गठबंधन भी था। सिन्हा ने पटना में राजभवन के बाहर संवाददाताओं से कहा कि हमने राज्यपाल से मुलाकात की और ज्ञापन सौंप कर कहा कि हमारे पास 111 विधायकों का समर्थन है। उन्होंने कहा , ‘‘ हमने कहा कि हमारे पास 111 विधायक हैं। अगर हमें सदन में शक्ति परीक्षण करने के लिए कहा जाए तो हम जीत हासिल करने के लिए आश्वस्त हैं क्योंकि और विधायकों के हमारे पक्ष में मतदान करने की संभावना है। ’’ उधर गोवा में चंद्रकांत केवलेकर की अध्यक्षता में कांग्रेस विधायक दल ने राज्यपाल मृदुला सिन्हा से राजभवन में मुलाकात की और उन्हें एक पत्र सौंपकर सदन में पार्टी को बहुमत सबित करने के लिए आमंत्रित करने की मांग की। 

पार्टी ने कहा कि उसने राज्यपाल को इस अनुरोध पर फैसला लेने के लिए सात दिन का वक्त दिया है। 

गोवा में कांग्रेस के 16 विधायकों में से 14 राज्यपाल से मुलाकात के वक्त मौजूद थे। एक विधायक देश से बाहर हैं जबकि एक अन्य अस्पताल में भर्ती हैं। यह मुलाकात करीब 15 मिनट तक चली। केवलेकर ने कहा , ‘‘ हमने राज्यपाल से अनुरोध किया कि वह कर्नाटक के उदाहरण का पालन करें और उस गलती को सुधारें जो उन्होंने 12 मार्च 2017 को की थी जब उन्होंने कम सीटों वाले दल ( भाजपा ) को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था। ’’ पिछले वर्ष फरवरी माह में हुए चुनाव में 40 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस को 17 सीटें मिली थी जो बहुमत से चार सीटें कम थी। भाजपा को 13 सीटें मिली थी और उसने गोवा फॉरवर्ड पार्टी तथा महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के साथ मिलकर गठबंधन बनाया था।

इन दोनों दलों को तीन - तीन सीटें मिली थी। उधर मणिपुर में भी कांग्रेस ने आज सरकार बनाने का दावा पेश किया। राज्य इकाई के प्रवक्ता जयकिशन सिंह ने कहा कि मणिपुर विधानसभा में विपक्ष के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री ओकरम इबोबी सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल ( सीएलपी ) के नौ नेताओं ने राज्यपाल जगदीश मुखी से राजभवन में मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में विधानसभा की कुल 60 सीटों में से 28 पर जीत हासिल कर कांग्रेस राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। राज्य में 21 सीटों पर जीत हासिल करने वाली भाजपा ने क्षेत्रीय पार्टियों के साथ हाथ मिला लिया था और राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने उनके गठबंधन को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था। 

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