नई दिल्ली: कांग्रेस ने आज केंद्र सरकार पर पाकिस्तान को लेकर झटके के साथ शुरू करने और फिर अचानक पलट जाने की नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाहौर यात्रा पहले से तय थी, जबकि भाजपा की सहयोगी शिवसेना तथा विहिप ने सवाल किया कि क्या इस दौरे से भारत को दाउद इब्राहिम, हाफिज सईद तथा जकीउर रहमान लखवी पर कोई पकड़ हासिल हुई।
मोदी के अचानक पाकिस्तान दौरे को लेकर सवाल उठाते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा कि उनकी पाकिस्तान के साथ बातचीत कमजोर, अप्रत्याशित थी जो झटके के साथ शुरू होने और अचानक पलट जाने वाली है। उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री को 26-11 के मुंबई हमलों के षड्यंत्रकारियों, खास कर लखवी को वापस लाने या सजा देने तथा पाकिस्तान में भारत के खिलाफ सक्रिय आतंकी संगठनों का सफाया करने का आश्वासन मिला।
भाजपा के सहयोगी दल शिवसेना और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने आज कहा कि क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अचानक पाकिस्तान यात्रा से दाउद इब्राहिम, हाफिज सईद और जकी-उर रहमान लखवी जैसे सीमा पार के आतंकवादी सरगनाओं के खिलाफ कारगर कार्रवाई होगी।
शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने मुंबई में कहा, मुलाकात (मोदी और शरीफ के बीच) के बाद क्या दाउद इब्राहिम भारत को सौंप दिया जाएगा? यदि यह होता है तो हम इस यात्रा का स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर यात्रा के नतीजतन दाउद को भारत को सौंपा जाता है तो उनकी पार्टी मोदी की लाहौर यात्रा का स्वागत करेगी और ऐसे देश के साथ वार्ता में शामिल होने को लेकर पार्टी ने चेताया जो खतरनाक और आतंकवाद को बढ़ावा देता है।
शिवसेना ने कहा कि पाकिस्तान की आकस्मिक यात्रा अचानक लिया गया फैसला नहीं लगती है और हैरत जताई कि क्या प्रधानमंत्री की खुद की पार्टी भाजपा, पड़ोसी देश के साथ इस तरह की राजनयिक पहल को पचा पाएगी। राउत ने कहा प्रधानमंत्री ने अचानक से लाहौर जाने का फैसला किया। क्या भाजपा ये पचा पाएगी? अन्य देशों में प्रधानमंत्रियों और उनके समकक्षों में वार्ता होने में कुछ गलत नहीं है, लेकिन पाकिस्तान जैसे देश के साथ वार्ता संभव है? मैं नहीं समझता कि यह (मादी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बीच की) मुलाकात अचानक से हुई है क्योंकि ऐसी मुलाकातें बस ऐसे ही नहीं होती हैं।