नई दिल्ली: उत्तराखंड मुद्दे पर विरोध को और तेज करते हुए कांग्रेस ने केंद्र की तरफ से जारी अध्यादेश को असंवैधानिक बताया है। इस अध्यादेश के तहत इस पहाड़ी राज्य में राष्ट्रपति शासन के दौरान आज से खर्च के लिए धन निकासी की अनुमति होगी। पार्टी ने कहा है कि अध्यादेश के खिलाफ वह अदालत जाएगी क्योंकि इसका कहना है कि धन निकासी के लिए विधानसभा ने 18 मार्च को एक उपयुक्त विधेयक पारित किया था और विधानसभा अध्यक्ष ने इसे मंजूर किया था।
पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, क्या दो बजट हो सकते हैं? एक राज्य विधानसभा ने पास किया और दूसरे को केंद्र सरकार ने अध्यादेश के माध्यम से लागू किया है। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार विधानसभा की कार्यवाहियों में मध्यस्थ कैसे हो सकती है। केंद्र की पहल असंवैधानिक है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि उत्तराखंड विधानसभा ने लोगों की आकांक्षाओं वाले विधेयक को संवैधानिक रूप से पारित किया है।
उन्होंने आरोप लगाया, यह मोदी सरकार का षड्यंत्र है जो जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को लागू करने में बाधा डालती है और रोकती है जिसके लिए राज्य के बजट में कोष आवंटित किया गया था। इस पहल को भाजपा सरकार की विधायी बेईमानी करार देते हुए उन्होंने दावा किया कि पहले संसद का सत्रावसान किया और फिर अध्यादेश के माध्यम से अवैध काम किया। कांग्रेस ने केंद्र पर आरोप लगाया है कि उसने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाकर लोकतंत्र की हत्या की है।