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डीडीसीए मुद्दे पर संसदीय समिति से जांच चाहती है कांग्रेस

 Written By: IANS
 Published : Dec 21, 2015 11:01 pm IST,  Updated : Dec 21, 2015 11:01 pm IST

नई दिल्ली: कांग्रेस ने डीडीसीए में कथित अनियमितताओं की जांच एक संसदीय समिति से कराने और केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली के इस्तीफे की सोमवार को मांग की, लेकिन जेटली ने अपने खिलाफ आरोपों को निराधार

Congress wants parliamentary inquiry committee on DDCA issue- India TV Hindi
Congress wants parliamentary inquiry committee on DDCA issue

नई दिल्ली: कांग्रेस ने डीडीसीए में कथित अनियमितताओं की जांच एक संसदीय समिति से कराने और केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली के इस्तीफे की सोमवार को मांग की, लेकिन जेटली ने अपने खिलाफ आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के मामलों की समयबद्ध जांच की मांग की और कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस सिर्फ इस मुद्दे पर उनके द्वारा जुटाए गए दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रही हैं।

लोकसभा में जेटली के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया। कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने प्रश्नकाल के बाद लोकसभा में इस मुद्दे को उठाया और आरोप लगाया कि जेटली डीडीसीए में अनियमितताओं से वाकिफ थे और वह भी घोटाले में लिप्त हैं। वेणुगोपाल ने कहा, "इसलिए हम इस मुद्दे की जांच एक संयुक्त संसदीय समिति से कराने और उनके इस्तीफे की मांग करते हैं।"

केंद्रीय संसदीय कार्य राज्यमंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि कांग्रेस सदस्य ने एक बेतुका बयान दिया है और वित्तमंत्री पर व्यक्तिगत रूप से निशाना साधा है। डीडीसीए के पूर्व अध्यक्ष जेटली ने जवाब में कहा कि चूंकि दिल्ली के पास कोई क्रिकेट स्टेडियम नहीं था, लिहाजा "हमें (डीडीसीए) यह आवश्यक लगा कि राष्ट्रीय राजधानी में एक समुचित स्टेडियम होना चाहिए।"

जेटली ने कहा कि डीडीसीए ने संसाधन जुटाने का निर्णय लिया और फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में 43 कॉरपोरेट बॉक्स बनाए गए। उसके बाद 10 वर्षो के टिकटों की अग्रिम बिक्री की गई और प्रत्येक सीट का टिकट एक लाख रुपये रखा गया। उन्होंने कहा कि डीडीसीए ने 35 करोड़ रुपये विज्ञापन स्पेस बेच कर जुटाए।

केंद्रीय वित्तमंत्री ने कहा कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने एक बड़ा स्टेडियम निर्मित करने के लिए 50 करोड़ रुपये दिए। जेटली ने कहा, "निविदा प्रक्रिया के जरिए इंजीनियर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को ठेका दिया गया। निर्माण कार्य पर 57 करोड़ रुपये खर्च हुए। अन्य 43 कार्य भी करने थे। ये कार्य उनके सहायक ठेकेदारों द्वारा किए गए।"

जेटली ने कहा कि स्टेडियम के निर्माण पर कुल 114 करोड़ रुपये की लागत आई। जेटली ने कांग्रेस की खिल्ली उड़ाते हुए कहा कि 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के लिए जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के जीर्णोद्धार पर 900 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। राष्ट्रमंडल खेल संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार के दौरान हुए थे।

जेटली ने कहा कि गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने डीडीसीए से संबंधित आरोपों की जांच की और उसने यह नहीं कहा कि खर्च राशि में अनियमितता हुई है। जेटली ने कहा, "आरोप निराधार और गलत हैं।" उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों और उनके द्वारा दायर मानहानि के मामले का जिक्र भी संसद के बाहर किया।

भाजपा नेता ने कहा, "चूंकि यह मुद्दा सदन के बाहर उछाला गया है, लिहाजा इस पर उचित कदम उठाया गया है।" कीर्ति आजाद ने एसएफआईओ से क्लीन चिट मिलने संबंधित जेटली की टिप्पणी का जिक्र करते हुए लोकसभा में कहा कि जांच एजेंसी ने सिर्फ सिविल निर्माण कार्यो की जांच की थी। उन्होंने कहा कि जहां तक जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के जीर्णोद्धार पर 900 करोड़ रुपये खर्च करने की बात है, तो इस गड़बड़ी में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ मामला चल रहा है।

आजाद ने कहा कि सीबीआई ने 2008 और 2013 के बीच के डीडीसीए के मामलों के संबंध में इस खेल संस्था को नोटिस जारी किया था, जो भी मामले हो, उसे लेकर सामने आना चाहिए। कांग्रेस की जेपीसी जांच की मांग का जिक्र करते हुए आजाद ने कहा कि इसके बदले उन्हें एक समयबद्ध जांच की मांग करनी चाहिए। आजाद ने बाद में संसद के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि यदि डीडीसीए के मामलों की जांच उच्च न्यायालय की निगरानी में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराई जाएं तो लोगों को इस पर अधिक विश्वास होगा, क्योंकि सीबीआई केंद्र सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण में है।

जेटली पर निशाना साधते हुए आजाद ने कहा कि मानहानि का मामला तो मेरे खिलाफ दायर करना चाहिए था। जबकि जेटली ने आप नेताओं के खिलाफ मानहानि का एक मामला दायर किया है। आजाद ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में एक शानदार स्टेडियम दिल्ली स्टेडियम पर खर्च धनराशि के लगभग एक-तिहाई लागत पर बन कर तैयार हुआ है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण लागत अधिक आती है।

आजाद ने डीडीसीए के कामकाज की जांच के लिए एक आयोग गठित करने के आप सरकार के निर्णय पर कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा कि यह सवाल आप के प्रवक्ता से पूछा जाना चाहिए। इसके पहले सोमवार को भी इसी मुद्दे पर राज्यसभा की कार्यवाही बाधित हुई थी, क्योंकि कांग्रेस सदस्यों ने डीडीसीए के मामलों में कथित अनियमितता को लेकर जेटली का इस्तीफा मांगा था।

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