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गंध और स्वाद महसूस न होना कोविड-19 के लक्षणों की सूची में शामिल: स्वास्थ्य मंत्रालय

 Written By: Bhasha
 Published : Jun 13, 2020 06:32 pm IST,  Updated : Jun 13, 2020 07:58 pm IST

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गंध न आना और स्वाद न आने को भी कोविड-19 के लक्षणों की सूची में जोड़ दिया गया है।

Coronavirus- India TV Hindi
Representational Image Image Source : PTI

नई दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी संशोधित चिकित्सकीय प्रोटाकॉल प्रबंधन के अनुसार गंध और स्वाद महसूस न होने को भी कोविड-19 के लक्षणों में शामिल किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि विभिन्न कोविड-19 उपचार केंद्रों में आ रहे कोरोना वायरस से संक्रमित लोग बुखार, खांसी, थकान, सांस लेने में दिक्कत, बलगम, मांसपेशियों में दर्द, नाक बहने, गले में खराबी और दस्त जैसे लक्षणों की शिकायत कर रहे हैं। उन्होंने सांस संबंधी दिक्कत शुरू होने से पहले गंध और स्वाद महसूस न होने जैसे लक्षणों की शिकायत भी की है।

मंत्रालय ने कहा कि बुजुर्ग लोगों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में थकान, सजगता की कमी, गतिशीलता की कमी, दस्त, भूख न लगना, अचेत होना और बुखार न होने जैसे कुछ अलग लक्षण भी हो सकते हैं। वयस्कों की तरह बच्चों में बुखार या खांसी जैसे लक्षण नहीं दिखे हैं।

अमेरिका के राष्ट्रीय जनस्वास्थ्य संस्थान, रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने मई के शुरू में स्वाद और गंध महसूस न होने को कोविड-19 महामारी के लक्षणों में शामिल किया था। महामारी के संकेत और लक्षणों पर एकीकृत स्वास्थ्य सूचना प्लेटफॉर्म एवं एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के 11 जून तक के आंकड़ों के अनुसार 27 प्रतिशत मामलों में बुखार, 21 प्रतिशत मामलों में खांसी, 10 प्रतिशत मामलों में गले में खराबी, आठ प्रतिशत मामलों में सांस लेने में तकलीफ, सात प्रतिशत मामलों में कमजोरी, तीन प्रतिशत मामलों में नाक बहने और 24 प्रतिशत मामलों में अन्य लक्षणों की शिकायत मिली।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार नए कोरोना वायरस से संक्रमित लोग संक्रमण के मुख्य स्रोत हैं। सीधे व्यक्ति से व्यक्ति में संक्रमण करीबी संपर्क से होता है, मुख्यत: श्वसन कणों (बूंदों) के जरिए जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने पर निकलती हैं। ये बूंद सतह पर भी गिर सकती हैं जहां विषाणु जीवित रहता है। यदि कोई व्यक्ति संक्रमित सतह को छू लेता है और फिर उसके बाद वह अपनी आंखों, नाक या मुंह को छूता है तो उसे संक्रमण हो सकता है।रोग के सामने आने की औसत अवधि 5.1 दिन (जिसका रेंज दो से 14 दिन तक का हो सकता है) है।

अभी इस बारे में निश्चित तौर पर पता नहीं है कि कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति से संक्रमण का प्रसार किस अवधि में शुरू होता है। मौजूदा साक्ष्य के अनुसार संक्रमण फैलने की अवधि लक्षण सामने आने से दो दिन पहले शुरू हो जाती है और किसी व्यक्ति से इसका प्रसार बंद होने में आठ दिन तक का समय लग सकता है। लक्षणमुक्त मामलों से प्रसार होने को लेकर अब भी जांच चल रही है।

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