ग्रेटर नोएडा: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यहां पीट-पीट कर मार डाले गए अखलाक के परिवार से शनिवार को मुलाकात की और हत्या की इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता केजरीवाल को प्रशासन ने पहले एक अतिथिगृह में लगभग चार घंटे तक रोके रखा और उसके बाद मोहम्मद अखलाक (50) के परिवार से मिलने की अनुमति दी।
दो और की गिरफ्तारी
इस बीच पुलिस ने दो अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार किया और इसके साथ ही इस घटना में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या आठ हो गई है। दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
केजरीवाल ने कहा घटना दुर्भाग्यपूर्ण
केजरीवाल और आप के कुछ नेता बिसाड़ा गांव में स्थित अखलाक के घर गए। केजरीवाल ने संवाददाताओं से कहा, "इस गांव में घटी घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। यह घटना नहीं घटनी चाहिए थी। यह गांव शांतिप्रिय है.. इस तरह की घटनाएं बहुत पीड़ादायक हैं।"
हिंदू नेताओं से भी मिले केजरीवाल
केजरीवाल ने उन हिंदू महिलाओं से भी मुलाकात की, जिन्होंने इसके पहले एक जुलूस निकाला और गांव का प्रवेश मार्ग अवरुद्ध कर दिया और कहा कि मीडिया और राजनेता उनके खिलाफ पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहे हैं। केजरीवाल गांव में आधा घंटा रहे और उन्होंने हिंदू परिवारों की भी समस्याएं सुनी।
पहले पुलिस ने केजरीवाल को गांव में जाने से रोक दिया था
प्रारंभ में पुलिस ने केजरीवाल और उनके साथियों को गांव में प्रवेश करने से रोक दिया, क्योंकि 500 से अधिक महिलाओं ने घटना की एकतरफा मीडिया कवरेज की शिकायत की और विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने कहा कि चूंकि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, लिहाजा केजरीवाल के काफिले को एक अतिथिगृह के लिए मोड़ दिया गया।
4 घंटे बाद ही अखलाक के परिजनों से मिल सके केजरीवाल
अतिथिगृह में लगभग चार घंटे इंतजार के बाद केजरीवाल और उनकी टीम -संजय सिंह, कुमार विश्वास और आशुतोष- ने अखलाक की विधवा और उसकी मां से मुलाकात की।
सोशल मीडिया पर सख्त हुआ प्रशासन
दादरी कांड में सोशल मीडिया पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। भड़काऊ भाषण और तस्वीरें पोस्ट करने के आरोप में एक ट्विटर अकाउंट पर केस दर्ज किया गया है।