नई दिल्ली: राजधानी में शुक्रवार से सम-विषम योजना का दूसरे चरण लागू हो गया है, जबकि ऐप आधारित कैब सेवा के विरोध में आटो एवं टैक्सी संगठन के एक धड़े ने 18 अप्रैल (सोमवार) को हड़ताल की घोषणा की है। हड़ताल से राष्ट्रीय राजधानी के यात्रियों को कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली आटोरिक्श संघ और दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन के महासचिव राजेन्द्र सोनी ने बताया कि ऐप आधारित कैब सेवा के विरोध में सोमवार को राजधानी की सड़कों पर आटो और काली-पीली टक्सी नहीं चलेंगी।
सोनी ने कहा कि आम आदमी सरकार ने अभी तक आटोरिक्शा के 10,000 नये परमिट जारी नहीं किये हैं जिन्हें परमिट वितरण में कथित अनियमितता के आरोप के चलते रद्द किया गया था।
उन्होंने कहा, सरकार एक ओर तो सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने की बात कह रही है, लेकिन दूसरी ओर उसने अभी तक आटोरिक्शा के लिए 10,000 नये परमिट जारी नहीं किये हैं। इसके अलावा हम ऐप आधारित टैक्सी बंद करने की मांग कर रहे हैं क्योंकि इनका परिचालन करना अवैध है। उन्होंने हमारी आजीविका छीन ली है।
सोनी ने कहा, जब हमने 14 मार्च को दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय से मुलाकात की थी, तब उन्होंने 15 दिनों के अंदर हमारी मांग पूरी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन सरकार ने इस संबंध में अभी तक कोई निर्णय नहीं किया है।
उल्लेखनीय है कि राजधानी में इस समय करीब 13,000 काली-पीली टैक्सियां और करीब 81,000 आटोरिक्शा चल रहे हैं। यदि आटोरिक्शा और टैक्सी वाले इस पखवाड़े हड़ताल पर जाते हैं, तो दिल्ली के यात्रियों को कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि राजधानी में इस दौरान सम-विषम योजना का दूसरा चरण लागू है।
इससे एक सप्ताह पहले आटो एवं टैक्सी संगठन के एक वर्ग ने ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं के विरोध में राजधानी में विरोध मार्च निकाला था।