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दिल्ली महिला आयोग नाबालिग दोषी की रिहाई के खिलाफ हरकत में आया, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

 Written By: India TV News Desk
 Published : Dec 19, 2015 11:47 pm IST,  Updated : Dec 20, 2015 12:54 am IST

नई दिल्ली: दिल्ली महिला आयोग की स्वाति मालीवाल ने शनिवार को डिप्टी रजिस्ट्रार के यहां अर्जी लगाकर मांग की है कि निर्भया मामले के दोषी नाबालिग को रिहा न किया जाए। स्वाति मालीवाल ने आधी

Delhi Commission for Women came into action against release...- India TV Hindi
Delhi Commission for Women came into action against release of convicted minor

नई दिल्ली: दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने शनिवार को रजिस्ट्रार के यहां अर्जी लगाकर मांग की है कि निर्भया मामले के दोषी नाबालिग को रिहा न किया जाए। स्वाति मालीवाल ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि चीफ जस्टिस इस मामले में सुनवाई करेंगे। दरअसल ऐसे मामलों में पहले रजिस्ट्रार कागज़ात की पड़ताल करता है और अगर उसे लगता है कि मामले की सुनवाई होनी चाहिए, तभी चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया मामले की सुनवाई करते हैं। मालीवाल पूरी तरह से आश्वस्त लगती हैं कि सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई आधी रात को होगी।

इससे पहले, दोषी नाबालिग की रिहाई का विरोध कर रहे निर्भया के माता-पिता को दिल्ली पुलिस मोरिस नगर थाने इसलिए ले गई कि धरना-प्रदर्शन करके उन लोगों ने सड़क को जाम कर दिया था, जिससे लोगों को परेशानी हो रही थी। पुलिस ने जल्द ही निर्भया के माता-पिता को छोड़ दिया।

उधर, निर्भया के साथ दरिंदगी के आरोप में तीन साल कि सजा भुगतने के बाद कल रिहा हो रहे किशोर की सजा बढ़ाने की पुरजोर मांगों के बीच बदायूं स्थित उसके गांव में एक पक्ष उसे गांव में दाखिल होने का विरोध करने की तैयारी में है।

दिसम्बर 2012 में दिल्ली में एक चलती बस में मेडिकल की एक छात्रा से सामूहिक बलात्कार जैसे देश को झकझोर देने वाले काण्ड के नाबालिग आरोपी का पैतृक गांव बदायूं मंे है और वहां के अनेक लोग नहीं चाहते कि निर्भया का दोषी अब कभी अपने गांव लौटे।

गौरतलब है कि 16 दिसम्बर 2012 को दिल्ली के वसंत विहार इलाके में चलती बस में मेडिकल की एक छात्रा से हुई सामूहिक बलात्कार की वारदात ने पूरे देश और दुनिया को हिला दिया था। उस वारदात में गम्भीर रूप से घायल उस लड़की की बाद में इलाज के दौरान मौत हो गयी थी। उसका एक नाबालिग दोषी उसे मिली तीन साल की सजा भुगतने के बाद आज रिहा हो रहा है। दिल्ली उच्च न्यायालय में उसकी रिहाई पर रोक लगाने के अनुरोध को ठुकरा दिया था। इसके साथ ही उसकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया था।

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