नई दिल्ली: दिल्ली में करोड़ों की चोरी करने वाले ड्राइवर प्रदीप कुमार शुक्ला को पुलिस ने महज 18 घंटे में गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही पुलिस ने लूट के करोड़ों रूपए भी बरामद कर लिए हैं। लूट की रकम में से 11 हजार रुपये नहीं मिले हैं। दरअसल, पुलिस को जीपीएस के जरिए वैन की लोकेशन मिल चुकी थी जिसके बाद पुलिस ने बॉर्डर सील कर दिया था। खुफिया सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक, ड्राइवर ने लूटे हुए पूरे रुपए एक गोदाम में छुपा कर रखा थे। इसी खबर पर पुलिस की एक टीम ने गोदाम पर छापा मारा और ड्राइवर समेत लगभग पूरी रकम बरामद कर ली।
लूट के एक दिन बाद पुलिस अधिकारी ने आज बताया, चालक को आज तड़के ओखला के उस गोदाम से गिरफ्तार किया गया, जहां वह छिपा हुआ था। अब तक वह इस मामले का अकेला आरोपी जान पड़ता है। उन्होंने कहा, चुराई गई नकदी भी बरामद कर ली गई है लेकिन इसका अंतिम आकलन अभी किया जाना है।आरोपी वैन चालक की पहचान प्रदीप शुक्ला के रूप में हुई है। वह कल शाम को दक्षिणपूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके से 22.5 करोड़ रूपए के साथ कथित तौर पर फरार हो गया था।
पुलिस ने कहा कि यह घटना उस समय हुई, जब वैन में साथ जा रहे सशस्त्र सुरक्षाकर्मी ने वैन चालक से वाहन को गोविंदपुरी मेट्रो स्टेशन के पास रोकने के लिए कहा ताकि वह सड़क के किनारे लघुशंका के लिए जा सके।
कैसे हुई लूट:
दिल्ली में सिक्योरिटी कंपनी की कैश वैन का सिक्यूरिटी गार्ड विनय पटेल और ड्राइवर प्रदीप कुमार शुक्ला ATM पैसे पहुंचाने निकले थे, इसी दौरान ड्राइवर प्रदीप कुमार कैश वैन लेकर फरार हो गया था। ड्राइवर साढ़े 22 करोड़ रुपये लेकर फरार हो गया था। यह दिल्ली में अब तक हुई सबसे बड़ी लूट है।
IS सिक्योरिटी कंपनी की कैश वैन विकासपुरी से ओखला के लिए निकली थी जिसमें अलग-अलग ATM में डालने के लिए साढ़े 22 करोड़ रुपए रखे हुए थे। वैन जैसे ही श्रीनिवासपुरी इलाके के पास पहुंची, वैन का गार्ड टॉयलेट जाने के लिए वैन से बाहर निकला। इसी मौके का फायदा उठाकर ड्राइवर वैन और साढ़े बाइस करोड़ रुपए लेकर फरार हो गया।