रायपुर: एक तरफ जहां हर घर, परिवार में दीवाली की रोशनी है तो वहीं नौकरी से निकाल दिए गए डाटा एंट्री ऑपरेटरों के सामने सर्वथा अंधकार दिख रहा है। रोशनी के इस त्योहार में नौकरी से निकाल दिए जाने का दर्द और अपनों से दूर होने का गम उन्हें अवश्य है, लेकिन अपनी हड़ताल को मजबूती से आगे बढ़ाते हुए इन ऑपरेटरों ने निर्णय लिया है कि वे रोशनी के त्योहार की खुशियां धरनास्थल पर ही बांटेंगे।
उन्होंने दीपपर्व की तैयारियां शुरू कर दीं। दीवाली के साथ ही इनके आंदोलन का दूसरा महीना पूरा हो जाएगा। छग में डाटा एंट्री ऑपरेटर संघ के 7 हजार सदस्यों द्वारा विगत 14 सितंबर से धरनास्थल पर लगातार धरना दिया जा रहा है। संघ के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री, प्रमुख सचिव पंचायत विभाग एवं मुख्य सचिव समेत कइयों को ज्ञापन भी सौंपा।
लेकिन उसके बाद भी समाधान निकल नहीं पाया है। लिहाजा वे 11 नवंबर को लक्ष्मी पूजा धरनास्थल पर करेंगे। वहीं संघ के अध्यक्ष युगल किशोर आडिल, गणेश तिवारी आदि ने बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर दीवाली के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर में अनिश्तिकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे। ऑपरेटरों का कहना है कि वे दोबारा नौकरी मिलने के बाद ही अपने घरों को लौटेंगे।
पंचायत सहायक सह डाटा एंट्री ऑपरेटर्स संघ के प्रदेश अध्यक्ष युगल किशोर आडिल ने बताया कि सरकार जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करेगी, तब तक वे आंदोलन पर डटे रहेंगे। 14 सितंबर से डाटा एंट्री ऑपरेटर पोला, तीजा, गणेशोत्सव, नवरात्रि, दशहरा का पर्व धरनास्थल पर ही मना चुके हैं।