नई दिल्ली: राजपथ पर 67वें गणतंत्र दिवस पर आयोजित परेड में 36 सदस्यीय श्वान दस्ते ने हिस्सा लिया जिसमें 24 लेब्राडोर और 12 जर्मन शेफर्ड शामिल थे। 26 वर्ष बाद श्वान दस्ते को परेड में शामिल किया गया। इन 36 खोजी कुत्तों को भारतीय सेना के प्रशिक्षित 1200 खोजी कुत्तों में से चुना गया है । इन्हें चार महीने तक गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
श्वान दस्ते के इन सदस्यों को विस्फोटक और बारूदी सुरंगों का पता लगाने और इनकी पहचान करने एवं निगरानी करने का प्रशिक्षण दिया गया है। गणतंत्र दिवस समारोह देखने आए लोगों ने तालियां बजाकर उत्साह बढ़ाया।
रेमाउंट वेटेरनरी कोर के कैप्टन अनुराग बरूआ ने कहा, इन खोजी कुत्तों का चयन जरूरत के आधार पर होता है। सेना को बारूदी सुरंग, विस्फोटकों का पता लगाने, निगरानी करने, गश्त लगाने आदि कार्यो में इनकी जरूरत होती है।
उन्होंने कहा, इन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हम कुत्तों की सजगता, कमान पर अमल करने, तत्परता, जैसे विषयों को ध्यान में रखते हैं।