1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. मुश्किल में विजय माल्या, ED ने दर्ज किया मनी लॉन्ड्रिंग का केस

मुश्किल में विजय माल्या, ED ने दर्ज किया मनी लॉन्ड्रिंग का केस

 Written By: Bhasha
 Published : Mar 07, 2016 05:54 pm IST,  Updated : Mar 07, 2016 05:55 pm IST

मुंबई: शराब व्यवसायी विजय माल्या की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। माल्या को बैंगलोर कोर्ट से बड़ा झटका मिला है। कोर्ट ने एसबीआई की अपील पर सुनवाई करते हुए विजय माल्या

vijay malya- India TV Hindi
vijay malya

मुंबई: शराब व्यवसायी विजय माल्या की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। माल्या को बैंगलोर कोर्ट से बड़ा झटका मिला है। कोर्ट ने एसबीआई की अपील पर सुनवाई करते हुए विजय माल्या पर 500 करोड़ से ज्यादा रुपए निकालने पर रोक लगाई। फैसला आने तक विजय माल्या बैंक से पैसे नहीं निकाल पाएंगे। मामले की अगली सुनवाई 28 मार्च को होगी।

प्रवर्तन निदेशालय ने माल्या और अन्य के खिलाफ मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज किया है। यह मामला आईडीबीआई बैंक से लिये गये 900 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज कथित तौर पर नहीं चुकाने के मामले से जुड़ा है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हाल में ही मनी लांड्रिंग रोधी कानून (पीएमएलए) के तहत आरोप तय किए हैं। यह आरोप केन्द्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा पिछले साल दर्ज प्राथमिकी के आधार पर तय किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि यहां ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय ने यह मामजा दर्ज किया है। एजेंसी इस समय बंद पड़ी किंगफिशर एयरलाइंस के समूचे वित्तीय ढांचे पर भी गौर कर रही है। इसके साथ ही विदेशी मुद्रा विनिमय मामले में उल्लंघन की भी अलग से जांच शुरू की जा सकती है। सूत्रों ने कहा, इस मामले में माल्या और अन्य से जल्द ही पूछताछ की जा

सकती है। एजेंसी ने संबंधित प्राधिकरणों और मामले में सामने आये बैंक के बारे में संबंधित दस्तावेज जुटा लिए हैं। ईडी ने माल्या और सीबीआई की शिकायत में शामिल नामों के खिलाफ पीएमएलए की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाये हैं।

केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने माल्या, किंगफिशर एयरलाइंस के निदेशक, कंपनी, एयरलाइंस के मुख्य वित्तीय अधिकारी ए. रघुनाथन, और आईडीबीआई बैंक के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इसमें आरोप है कि बैंक से कर्ज की मंजूरी रिण सीमा नियमों का उल्लंघन कर दी गई। सीबीआई की यह कारवाई इस कर्ज के आपराधिक पहलू की उसकी व्यापक जांच के तहत की गयी है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक से लिया गया यह कर्ज बाद में गैर-निष्पादित राशि घोषित कर दिया गया। सूत्रों ने कहा कि मामले में ईडी आपराधिक कृत्य से हुई कमाई के पहलू की जांच कर रहा है।

किंगफिशर मामले में रिण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) का आदेश भी जल्द आने की उम्मीद है। इसबीच किंगफिशर के पूर्व कर्मचारियों ने भी माल्या और कंपनी के खिलाफ अपनी आवाज उठायी है। कर्मचारियों ने कहा है कि वेतन और सेवा लाभ के मामले में उनके साथ धोखाधड़ी की गई। कर्ज के बोझ तले दबी किंगफिशर एयरलाइंस अक्तूबर 2012 से बंद है। ऋण वसूली न्यायाधिकरण ने कहा कि बैंक कर्ज से जुड़े मामले का निपटान होने तक विजय माल्या डियाजिओ से प्राप्त 7.50 करोड़ डॉलर राशि नहीं निकाल सकते हैं।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत