नई दिल्ली: दिल्ली विद्युत नियामक आयोग ने निजी बिजली वितरण कंपनियों को बिजली खरीद लागत में बढोतरी की भरपाई के लिए एक अधिभार आज बहाल कर दिया जिससे राष्ट्रीय राजधानी में बिजली की दर छह प्रतिशत तक बढ गई है।
हालांकि सत्तारूढ आम आदमी पार्टी सरकार ने कहा है कि वह आयोग से इस बढोतरी की समीक्षा करने को कहेगी कयोंकि इससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उक्त बढोतरी सोमवार से प्रभावी होगी।
आयोग के चेयरमैन पी डी सुधाकर ने पीटीआई भाषा से कहा कि बिजली के लिए अपीलीय न्यायाधिकरण (एपटेल) के निर्देश के बाद बिजली खरीद समायोजन लागत (पीपीएसी) अधिभार बहाल किया गया है।
उन्होंने कहा कि बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड व बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड के ग्राहकों के लिए यह अधिभार छह प्रतिशत जबकि टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन से बिजली आपूर्ति लेने वालों के लिए चार प्रतिशत होगा।
इसी तरह नयी दिल्ली नगर निगम के क्षेत्रों के ग्राहकों को भी पांच प्रतिशत अधिभार देना होगा। सुधाकर ने कहा कि यह अधिभार बीती दो तिमाहियों व मौजूदा तिमाही के लिए होगा।
दिल्ली के बिजली मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि सरकार आयोग से अपने आदेश की समीक्षा करने को कहेगी।