नई दिल्ली: दुनिया के हर मां-बाप चाहते हैं कि उनकी बेटी को ऐसा पति मिले जो उसे हमेशा खुश रखे। शादी के बाद उनकी बेटी को किसी तरह की कोई परेशानी ना हो। लेकिन गुजरात के मदारी समुदाय में दामाद चुनने की एक अनोखी प्रक्रिया होती है। यहां पर पैसों और नौकरी को देखकर नहीं, बल्कि यह देखकर शादी की जाती है कि लड़का उनके लायक है भी या नहीं। यहां शादी से पहले 24 महीने तक लड़के को लड़की के घर पर रहना होता है। जहां उसे इस बात का सबूत देना होता है कि वह लड़की वालों के लायक है।
मदारी समुदाय में यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। आमतौर पर तमाशा दिखाकर लोगों का मनोरंजन करने वाला यह समुदाय अतीत की इन परंपराओं को आज भी मानता है। इस समुदाय में शादी से पहले लड़के को लड़की के परिवार के साथ रहना होता है। इसके साथ ही लड़का जितने भी पैसे कमाता है, वो दिन भर की पूरी कमाई उसे अपने ससुर के हाथों में देनी होती है। इसके साथ ही लड़के को घर का काम जैसे की कपड़े धोना, खाना पकाना, बर्तन साफ करना और बच्चों को संभालने जैसे काम भी करने होते हैं।
लड़के को सास-ससुर के आगे पलंग पर नहीं बैठना होता, ऊंची आवाज में बात नहीं करनी होती और अपने साफ चरित्र की परिक्षा भी उसे देनी पड़ती है। इस समुदाय के साथ काम कर रही मित्तुल पटेल का कहना है कि इन सभी कामों को करने के बाद भी लड़की शादी के लिए मना कर सकती है। लड़के को शादी से इंकार करने की आजादी नहीं होती। लड़की के घर में आते समय लड़के को उठ्ठक बैठक लगानी पड़ती है, ताकि पिछले 24 महीने में उससे जितनी भूल हुई हो उसकी माफी मिल जाए। इस समाज में शादी का कोई खास मुहूर्त नही होता, लेकिन घुमंतु जाति होने के कारण इनकी शादियां वर्षा ऋतु मे होती हैं।
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