फैजाबाद: किसानो को उनकी बर्बाद फसल के बदले मुआवजे के रूप में महज 75 ,100 ,125 ,150 और 230 रुपए के चेक दिए गए है अब किसान यह समझ नहीं पा रहे है कि इन पैसो से वह करे क्या इसी के साथ सबसे बड़ा सवाल भी खड़ा होता है कि यह मुआवजा है या किसानो के साथ मजाक।
फैजाबाद जिला प्रशासन ने ये चेक उन किसानों को दिए हैं, जिनकी फसल बेमौसम बारिश की वजह से तबाह हो गई है। अब सरकार ने हरकत में आते हुए लेखपालों को सस्पेंड कर दिया है और फिर से मुआवजा देने का ऐलान किया है।
भारत में मौसम परिवर्तन के कारण किसानो की फसल चौपट हो गई है। उत्तर प्रदेश के किसानो का हाल भी इससे अलग नहीं है हालत यह है कि किसान लगातार आत्महत्या कर रहे है और उनको दो वक्त का पेट भरने के भी लाले पड़ गए है।
फैजाबाद के सीडीओ अरविंद मलप्पा बंगारी इन दिनों डीएम का प्रभार भी संभाल रहे हैं। इस तरह के मुआवजे को लेकर उन्होंने कहा कि यह लेखपाल की लापरवाही का नतीजा लग रहा है।
उन्होंने कहा, 'लेखपालों की रिपोर्ट के आधार पर ही चेक जारी हुए हैं। अगर किसी को लगता है कि कम मुआवजा मिला है, तो उसे फिर से दिया जाएगा। हम राष्ट्रीय आपदा राहत फंड की गाइडलाइन्स को ही फॉलो कर रहे हैं।'
इस मामले को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेई आज फैजाबाद के उन गावो में पहुँच गए जन्हा -जँहा राहत देने के नाम पर यह पूरा गड़बड़ झाला हुआ है।
इस मामले में लेखपालों को लापरवाही बरतने पर सस्पेंड कर दिया गया है। फैजाबाद में कैंप लगाकर किसानों के चेक बदले जा रहे हैं।