नई दिल्ली: जेएनयू में राष्ट्र-विरोधी नारे लगाने के 10 आरोपी छात्रों में से एक छात्र उमर खालिद के पिता ने आज कहा है कि यह न्यायपालिका को तय करना है कि वह मामले में संलिप्त था या नहीं। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि उसे मीडिया ट्रायल से अलग रखा जाए। सैयद कासिम रसूल इलियास ने कहा कि उनका बेटा आदिवासियों और गरीब किसानों के लिए लड़ रहा था और वह हमेशा से उनके साथ खड़ा रहा है।
इलियास ने कहा, ‘यदि वे देशद्रोही हैं तो इसका फैसला अदालत द्वारा किया जाना चाहिए। मीडिया ट्रायल नहीं होना चाहिए। वह आदिवासियों और गरीब किसानों के लिए लड़ रहा था। उसका अधिकतर समय जेएनयू या जंतर मंतर पर बीतता था। जहां कहीं भी संकट होता था, वह पहुंच जाया करता था।’
पुलिस खालिद की तलाश कर रही है। उसपर 9 फरवरी को परिसर में हुए एक आयोजन के दौरान भारत-विरोधी नारे लगाने का आरोप है। यह आयोजन संसद हमले के दोषी अफजल गुरू की फांसी के खिलाफ प्रदर्शन के लिए किया गया था।
इलियास ने देशद्रोह के आरोप में जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कमार को गिरफ्तार किए जाने और खालिद और उसके मित्रों के खिलाफ बनाए जा रहे माहौल की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जेएनयू एक ऐसा शैक्षणिक संस्थान रहा है जहां पहले भी ऐसी चीजें हुई हैं। विश्वविद्यालय में विभिन्न विचारधाओं के लोगों को जगह और उनकी आवाज को मंच मिलता है।
उन्होंने कहा, जेएनयू की खूबसूरती इस बात में है कि यह (विभिन्न विचारधाराओं के लोगों) को जगह देता है और उन्हें उनकी आवाज उठाने के लिए एक मंच उपलब्ध करवाता है।