नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस परेड में 26 जनवरी को राजपथ पर देश की विराट सैन्य शक्ति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक के साथ-साथ पहली बार विदेशी सेना फ्रांस का मार्चिंग दस्ता भी भारतीय सैनिकों के साथ कदमताल करता नजर आया। रिपब्लिक डे परेड में पहली बार किसी मित्र देश की सेना ने हिस्सा लिया। फ्रांस की सेना की टुकड़ी भी भारतीय वीरों के साथ कदम मिलाते दिखी। जो भारत और फ्रांस के बीच गहरी होती दोस्ती का भी प्रतीक है। राजपथ पर आज सुबह फ्रांस के सैन्य दस्ते ने 'कदमताल' किया। कर्नल पॉल ब्यूरी के नेतृत्व में 75 सैनिक फ्रांसीसी सैन्य दस्ते में शामिल हुए। राजस्थान के बीकानेर में शुरू हुए साझा सैन्य अभ्यास-शक्ति में हिस्सा लेने के लिए फ्रांसीसी सेना का एक टुकड़ी आई थी। इस टुकड़ी में फ्रांस की सेना के 56 जवान हैं। मेजर थिबौत डि लाकोस्ते इसका नेतृत्व कर रहे थे। इसी टुकड़ी ने गणतंत्र दिवस पर फ्रांस का प्रतिनिधित्व किया।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों सेना प्रमुखों के साथ अमर जवान ज्योति पर जाकर शहीदों को श्रद्धांजली दी। इसके बाद पीएम ने राजपथ पर मुख्य अतिथि फ्रांस के राष्ट्रपति ओलांद का स्वागत किया। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राजपथ पर तिरंगा फहराया। फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि हैं। राजपथ पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी पूरे जोशोखरोश के साथ परेड की सलामी ली। सुबह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्र को बधाई देते हुए देश के संविधान का निर्माण करने वाले सभी महान लोगों को सलाम किया। मोदी ने एक ट्वीट में लिखा, "मेरे सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई।"
देखें तस्वीरें परेड में पहली बार शामिल हुआ फ्रांस सेना का दस्ता......