1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. कश्मीर पर गांधीजनों ने कहा, ताकत बंदूक की नली में नहीं होती

कश्मीर पर गांधीजनों ने कहा, ताकत बंदूक की नली में नहीं होती

 Written By: IANS
 Published : Jul 16, 2016 06:58 pm IST,  Updated : Jul 16, 2016 07:03 pm IST

कश्मीर में मौजूदा अशांति पर देश के गांधीवादियों ने चिंता जाहिर की है। गांधीजनों ने शनिवार को जारी एक संयुक्त बयान में जहां एक तरफ सरकारों से हिंसा के प्रति आगाह किया है,

kashmir- India TV Hindi
kashmir

नई दिल्ली: कश्मीर में मौजूदा अशांति पर देश के गांधीवादियों ने चिंता जाहिर की है। गांधीजनों ने शनिवार को जारी एक संयुक्त बयान में जहां एक तरफ सरकारों को हिंसा के प्रति आगाह किया गया है, वहीं कश्मीरी अवाम से भी राष्ट्र विरोधी ताकतों से सजग रहने और उन्हें बेनकाब करने की अपील की गई है। गांधीवादियों ने अपने बयान में भारत सरकार, कश्मीर की महबूबा मुफ्ती-भाजपा सरकार, नेशनल कांफ्रेंस तथा दूसरे सभी असंतुष्ट धड़ों से कहा, "ताकत बंदूक की नली में नहीं, बल्कि आपसी विमर्श और रास्ता खोजने के संकल्प में होती है। बंदूक की नली से मौत निकलती है, जो जीने की, सोचने की और रास्ते खोजने की सभी संभावनाएं खत्म कर देती है।"

बयान में कहा गया है, "कश्मीर में अशांति और हिंसा का जो नया दौर शुरू हुआ है, उससे हम सबको दुख-दर्द और न पाटी जा सकने वाली दूरी के अलावा दूसरा कुछ हासिल नहीं होगा। कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति भी हमारी ही किस्मत में बदी है। अलगाववादियों, आतंकवादियों और उसके पीछे खड़ी पाकिस्तानी व इस्लामी ताकतों ने कुल मिला कर कश्मीर की स्थिति ऐसी बना दी है कि इधर कुआं है तो उधर खाई!"

गांधी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष कुमार प्रशांत, गांधी स्मारक निधि के सचिव रामचंद्र राही, गांधी मार्ग के संपादक अनुपम मिश्र और राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय के निदेशक ए. अन्नामलाई की ओर संयुक्त रूप से जारी बयान में कहा गया है, "इतिहास गवाह है कि कश्मीर के संदर्भ में महात्मा गांधी और जयप्रकाश नारायण ने हर मोड़ पर कश्मीरी अवाम और कश्मीरियत की हिमायत की है और सरकारों से उसका सम्मान करने को कहा है, लेकिन इसके साथ ही कश्मीरी लोगों पर यह जिम्मेवारी भी आती है कि उन्हें उन सारी ताकतों को बेनकाब व बेसहारा करना चाहिए, जो भारत की अखंडता का सम्मान नहीं करते।"

बयान में आगे कहा गया है, "राज्य की हिंसा को हिंसा से चुनौती देना जनता की विफलता का सीधा रास्ता है, यह दुनिया में बार-बार प्रमाणित हो चुका है और यह भी प्रमाणित हो चुका है कि शांति, संयम और संकल्प से भरी लोकशक्ति के सामने राज्य की कैसी भी शक्ति व्यर्थ साबित होती है। कश्मीर शांति व संकल्प के रास्ते अपने हक व स्वाभिमान की जितनी भी लड़ाई लड़ेगा, उसे देश का, गांधी परिवार का समर्थन प्राप्त होगा।"

बयान में कश्मीर और देश की सरकार को आगाह किया गया है, "संगठित व संवैधानिक सत्ता होने के नाते वह जिस हद तक अपने ही नागरिकों को कुचलने या बदनाम करने का रास्ता अपनाएगी, उस हद तक उसका नैतिक व संवैधानिक प्रभाव क्षीण होगा। वोट से सत्ता प्राप्त होती है जरूर, लेकिन वह टिकती है लोगों की सहमति और स्वीकृति से।

कश्मीर में आज दोनों सरकारें इसका प्रयोग कितनी जल्दी और कितनी ईमानदारी से करती हैं, इस पर भारत की अखंडता भी और लोकतंत्र की आत्मा का संरक्षण भी निर्भर करता है, और यह एक राष्ट्र के रूप में हम सबके संयम व सयानेपन की परीक्षा की घड़ी है।"

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत