नई दिल्ली: करीब 13 साल पहले गलती से सरहद पार कर पाकिस्तान पहुंची गीता अब जल्द ही अपने देश भारत लौटेगी। गीता ने भारत सरकार के सहयोग से अपने माता-पिता की पहचान कर ली है। उम्मीद है कि 26 अक्टूबर को गीता भारत में अपने माता-पिता से मिल सकेगी। उसकी वापसी की औपचारिकताएं लगभग पूरी हो गई है।
DNA टेस्ट के बाद होगा गीता के परिवार का फैसला
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि गीता और उसके पिता होने का दावा करने वालों का डीएनए टेस्ट होगा। डीएनए टेस्ट में पुष्टी के बाद ही उसे परिजनों को सौंपा जाएगा। अगर दावे की पुष्टी नहीं हुई तो उसे दिल्ली या इंदौर की संस्था में से किसी एक में रखा जाएगा। विदेश मंत्रालय ने दोनों संस्थाओं की पहचान कर ली है लेकिन इसका खुलासा नहीं किया गया। फिलहाल गीता को पाकिस्तान में एदी फाउंडेशन ने शरण दे रखी है। फाउंडेशन के प्रमुख फैसल एदी भी उसकी भारत वापसी की कोशिशों में लगे हुए थे।
बिहार की रहने वाली है गीता
पाकिस्तान में मिली भारत की गीता के वैसे तो बहुत दावेदार हुए लेकिन वह सहरसा जिले के सलखुा प्रखंड अंतर्गत कबीरा धाप के रहने वाले जनार्दन महतो की बेटी हीरा निकली। अगस्त महीने में टीवी चैनलों पर आई खबर देखने के बाद जनार्दन महतो ने अपनी बेटी को तस्वीर के जरिए पहचाना और उसकी सकुशल वापसी के लिए मुखिया स्तर से लेकर भारत सरकार के विदेश मंत्रालय तक की दौड़ लगानी शुरू कर दी। अचानक विदेश मंत्रालय से आए फोन से पूरे परिवार में खुशी की लहर है और परिवार डीएनए टेस्ट के लिए भी तैयार है।