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एक पिता का दर्द, बस का मंथली पास नहीं बन सका तो बेटी ने कर ली आत्‍महत्‍या

 Written By: India TV News Desk
 Published : Oct 24, 2015 02:16 pm IST,  Updated : Oct 24, 2015 02:18 pm IST

लातूर: महाराष्‍ट्र के मराठवाडा मैं सूखे से किसानो की क्या स्थिति हो गयी है इसका एक हैरान कर देने वाला उदहारण लातूर जिले मैं देखने को मिला है। स्‍वाती नाम की छात्रा ने अपने पिता

बस का मंथली पास नहीं बन...- India TV Hindi
बस का मंथली पास नहीं बन सका तो कर ली आत्‍महत्‍या!

लातूर: महाराष्‍ट्र के मराठवाडा मैं सूखे से किसानो की क्या स्थिति हो गयी है इसका एक हैरान कर देने वाला उदहारण लातूर जिले मैं देखने को मिला है। स्‍वाती नाम की छात्रा ने अपने पिता की आर्थिक हालात देख आत्‍महत्‍या कर ली है, वह आठ दिन से सिर्फ इसलिए स्‍कूल नहीं जा पा रही थी क्‍योंकी उसके पिता बस का खर्च वहन कर पाने में असमर्थ थे।

पिता के पास 260 रुपये नहीं थे,बेटी ने की आत्‍महत्‍या

लातूर जिले में रहने वाली स्‍वाती ने आत्‍महत्‍या कर अपना जीवन समाप्‍त कर लिया है, और इसके लिए जिम्‍मेदार है गरीबी। जी हां लातूर जिले में रहने वाली स्‍वाती की उम्र 16 साल थी और वह कक्षा 11 वीं की छात्रा थी। किसान पिता के घर जन्‍मी स्‍वाती पिता की आर्थिक हालत देख दु:खी रहने लगी थी।

स्‍वाती अपने घर से स्‍कूल जाने के लिए जिस बस का प्रयोग करती थी उसका मंथली पास 260 रुपये में बनता था,लेकिन सूखे की मार के चलते गरीब किसान अपने बेटी को 260 रुपये नहीं दे सकें जिसके चलते स्‍वाती ने एक भावनात्‍मक खत लिखकर अपना जीवन समाप्‍त कर लिया ।  

मरने के पहले इस बच्ची ने अपने माता पिता और भाई को एक बेहद इमोशनल खत लिखा है ।...जिसमे लिखा गया है की..

मेरे प्यारे पप्पा और भैया

मैं इस लिए मर रही हूं क्‍योंकि मेरे बस का पास ख़त्म हो गया था और 8 दिन मैं कॉलेज नहीं जा पाई। 9 वे दिन माँ ने मुझे किसी और के पास से उधार लेकर बस के पास के लिए रुपये दिए ...उसके बाद मैं कॉलेज गई...हर दिन का ये टेंशन अब मेरे लिए असहनीय होता जा रहा है ...मैं जब भी अपने माता-पिता का बेबस चेहरा देखती हूं मुझे खूब रोना आता हैं...मैं क्यों अपने परिवार के लिए कुछ नहीं कर सकती ....मेरे पिता खासकर इतनी हाड तोड़ मेहनत करते है ...लेकिन भगवान उन्हें उनकी मेहनत का कोई फल नहीं दे रहे ...इसलिए मुझे भगवान् पर खूब गुस्सा है ...।

प्यारे पिताजी (पप्पा)

..मैं आपकी परेशानी समझ सकती हूं....आज कल आपके चेहरे पर ख़ुशी नहीं दिख रही...मुझे पता है आप सबसे ज्यादा टेंशन किस बात का ले रहे है ...यही न की आपकी दो बेटियों की शादी कैसे होगी...लेकिन अब आप मेरी चिंता मत करिए ...अब आप अपनी एक मात्र लड़की की शादी की चिंता करिए ...और आप हमेशा हँसते रहिये यही मैं आपसे गुजारिश करती हूं...।

25 हजार कर्ज लेकर पिता टमाटर की खेती कर रहे थे

ये हृदयविदारक घटना पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल के चाकुर गाव के ठीक बगल के गाव जाधाला मैं घटित हुई है। स्‍वाती के पिता जो किसान है और 25 हजार कर्ज लेकर टमाटर की खेती की थी लेकिन सब खेती बिना पानी के सुख गई। कर्ज का किस्‍त भरने के लिए बैंक से रोज तकादा होने लगा।

स्वाति नाम की ये छात्रा बेहद सवेदनशील थी...परीक्षा की फीस भरने की मुद्दत ख़त्म होने के बाद सरकार ने फीस माफ़ किया लेकिन तब तक देर हो गई। थी.। महाराष्‍ट्र के सीएम देवेद्र फड़वनीस ने १४ हजार गावो को सूखाग्रस्‍त घोषित कर दिया है लेकिन अब तक स्वाति के पिता को सरकार का एक रूपया भी मुवाजा नहीं मिला सका है।

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