
सीनियर्स ने मुझपर कीचड़ उछाला!
मैं आर्किटेक्ट की पढ़ाई के लिए मैं वारंगल से गुंटूर आई लेकिन मेरे सीनियर मेरा ध्यान प्यार, मोहब्बत की तरफ खींचना चाहते थे मैं उस रास्ते पर नहीं जाना चाहती थी लिहाजा उन्होंने मेरे ऊपर कीचड़ उछालने की कोशिश की। हंसी अब मेरे चेहरे से लगभग गायब हो गई है मुझे अब रोना आता है पापा मैं आपसे कुछ छिपा नहीं सकती लेकिन इस ज्यादती की बात मैंने आपसे नहीं बताई मम्मी-पापा आप अपना ख्याल रखना नाना तुम रोना नहीं मैं आप लोगों के पास ही रहूंगी।
सुना आपने,सुसाइड नोट का मजमून रौंगटे खड़े कर देने वाला है। कॉलेज में सीनियर्स की रैंगिग ने ऋषिकेश्वरी को अंदर तक तोड़ कर रख दिया था।ऋषिकेश्वरी तो जीना चाहती थी।अपने प्यारे मम्मी डैडी का नाम रौशन करना चहाती थी। ऋषिकेश्वरी ने आगे लिखा है- मुझे मुस्कुराना पसंद था हेडर मैं हमेशा हंसती रहती थी लेकिन मेरी मुस्कान मेरे लिए अब समस्या बन गई। पापा मैं आपको बहुत प्यार करती हूं। आपने मुझे प्यार से पाला, मुझे पढ़ना लिखना भी बहुत अच्छा लगता है। इसी वजह से आर्किटेक्ट की पढ़ाई के लिए मैं वारंगल से गुंटूर आई लेकिन हंसी अब मेरे चेहरे से लगभग गायब हो गई है। मुझे अब रोना आता है।
आखिर पलों में ऋषिकेश्वरी की आंखों के सामने उसके मां-बाप का चेहरा घूम रहा था। ऋषिकेश्वरी ने सुसाइड नोट में अपने प्यारे डैडी के लिए आखिरी पैगाम छोड़ा- ये पैगाम आपकी आंखों को छलका देगा ऋषिकेश्वरी ने सुसाइड नोट में लिखा-
अगली स्लाइड में पढ़े- SUICIDE LETTER-2