संगरूर: पंजाब के संगरूर रेलवे स्टेशन के पास आज एक मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए और एक घर से टकरा गए। पुलिस ने बताया कि शंटिंग के दौरान ट्रेन पीछे जा रही थी जब वह पटरी से नीचे उतर गयी और एक घर से जा टकरायी। टक्कर से घर की चार दीवारी और दो कमरे गिर गए।
घर के मालिक गुरतेज सिंह ने आरोप लगाया कि घटना के बाद उसकी दो साइकिलें और एक वाशिंग मशीन टूट गयीं। पुलिस ने कहा कि रेलवे अधिकारी ट्रेन के पटरी से उतरने के कारणों का पता लगा रहे हैं। पिछले कुछ सालों के दौरान मालगाड़ियों और पैसेंजर ट्रेनों के पटरी से उतरने की कई घटनाएं होती रही हैं। इससे भारी जान-माल का नुकसान भी हुआ है।
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में मई माह में मालगाड़ी का डिब्बा पटरी से उतरा था
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में मालगाड़ी का एक डिब्बा पटरी से उतर गया था, जिससे यातायात घंटों बाधित रहा। रेलवे के अधिकारियों ने बताया था कि भरवारी रेलवे स्टेशन के पास दोपहर बाद मालगाड़ी का एक डिब्बा पटरी से उतर गया। हादसा उस वक्त हुआ, जब मालगाड़ी मेन लाइन से लूप लाइन पर जा रही थी।
आइए एक नज़र डालते हैं पिछले कुछ सालों के दौरान ट्रेन के पटरी से उतरने से हुए हादसों पर:
13 फरवरी 2015 को बेंगलुरू से एर्नाकुलम जा रही एक एक्सप्रेस ट्रेन की आठ बोगियां होसुर के समीप पटरी से उतर गई थीं। इसमें दस लोगों की मौत हो गई व 150 यात्री घायल हो गए थे।
4 मई 2014 महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में कोंकण रेलवे की दिवा-सावंतवादी पैसेंजर ट्रेन पटरी से उतर गई थी। उस हादसे में 18 लोगों की मौत हुई थी और 124 लोग घायल हुए थे।
17 फरवरी 2014 को महाराष्ट्र के नासिक जिले में निजामुद्दीन-एर्नाकुलम मंगला एक्सप्रेस हादसे का शिकार हो गई थी। ट्रेन के 10 कोच पटरी से उतर गए थे। इस ट्रेन हादसे में तीन यात्रियों की मौत हो गई थी और 37 लोग घायल हुए थे।
10 अप्रैल 2013 को तमिलनाडु में अराक्कोनम के समीप सिथारी में बेंगलुरू जा रही मुजफ्फरपुर-यशवंतपुर एक्सप्रेस की 11 बोगियों के पटरी से उतर जाने से एक यात्री की मौत हो गई जबकि 33 अन्य घायल हो गए।