नई दिल्ली: सरकार ने एमएमडीआर अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है ताकि नीलामी के अलावा अन्य किसी प्रक्रिया के जरिए कैप्टिव यानी व्यक्तिगत प्रयोग के लिए आवंटित खान के हस्तांतरण को मंजूरी देने का प्रावधान किया जा सके। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद एक सूत्र ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में खान एवं खनिज (विकास एवं नियमन) अधिनियम में संशोधन की मंजूरी दी गई।
खान मंत्रालय ने खान एवं खनिज (विकास एवं नियमन) अधिनियम, 1957 में संशोधन के लिए खान एवं खनिज विकास एवं नियम संशोधन विधेयक 2016 तैयार किया है। मंत्रालय का मानना है कि नीलामी के अलावा अन्य प्रक्रिया से निजी खनन पट्टे देने से बैंकों तथा वित्तीय संस्थानों को दबाव वाली परिसंपत्ति को दूसरे को बेचने में मदद मिलेगी जिनमें कंपनी या उसकी कैप्टिव खनन के पट्टे को गिरवी रख कर धन लिया गया होगा।
इससे पहले मंत्रालय ने नीलामी के अलावा अन्य प्रक्रियाओं के जरिए निजी खानों के हस्तांतरण के प्रावधान के लिए एमएमडीआर विधेयक में प्रस्तावित संशोधन पर आम जनता, राज्यों और उद्योग जगत से विचार मांगे थे। इस पहल से न सिर्फ बैंकों को एनपीए वसूली में मदद मिलेगी बल्कि इस क्षेत्र में विलय एवं अधिग्रहण भी बढ़ेगा। पिछले साल मार्च में संसद में पारित एमएमडीआर अधिनियम में सिर्फ ऐसे मामलों में खनन पट्टे के हस्तांतरण को मंजूरी है जिनमें खानों का अधिग्रहण नीलामी के जरिए किया गया है।