नई दिल्ली: गुजरात में पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने आज अपना आंदोलन देशभर में फैलाने की योजना की घोषणा की और इसकी शुरूआत विभिन्न उद्देश्यों के लिए अधिग्रहीत गुर्जरों की भूमि की वापसी की मांग के साथ दिल्ली में गुर्जरों के समर्थन में खड़े होकर की। पटेल ने कहा कि पटेल, कुर्मी और गुर्जरों का संयुक्त संगठन अखिल भारतीय पटेल नवनिर्माण सेना देश के विभिन्न भागों में इन समुदायों के अधिकारों के लिए काम करेगा।
दिल्ली से शुरूआत करते हुए 22 वर्षीय गुजराती नेता ने कहा, जब हम दिल्ली आए, हमें पता चला कि हमारे भाइयों की जमीन मामूली दामों पर अधिग्रहीत की गई है और अब वहां बड़ी बड़ी इमारतें बन गई हैं। संयुक्त संगठन के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, हमें अपने गुर्जर भाइयों के लिए जंग लड़नी है। जो भी जमीन उपलब्ध है और जहां कोई काम नहीं हो रहा है, उसे हमारे गुर्जर भाइयों को वापस लौटाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुर्जरों की जमीन वापसी की मांग के लिए यहां रामलीला मैदान पर एक रैली आयोजित की जाएगी। हालांकि उन्होंने रैली की तारीख नहीं बताई। पटेल ने कहा कि राष्ट्रपति भवन, अक्षरधाम और संसद जैसे महत्वपूर्ण ढांचे गुर्जर और कुर्मी समुदाय के नेताओं से जमीन अधिग्रहीत करके बनाए गए हैं।
भाजपा को चेतावनी के स्वर में उन्होंने कहा, गुजरात में हमने देखा कि अगर कोई है जिसने एक प्रधानमंत्री बनाने में मदद की वे हम हैं इसलिए हमें नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए। पटेलों के लिए आरक्षण के समर्थन में आंदोलन का नेतृत्व करके हार्दिक पटेल अपने गृह राज्य में भाजपा नीत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह नवगठित संगठन को कोई राजनीतिक रूप नहीं देना चाहते लेकिन उन्होंने कहा कि इस संबंध में जरूरत पड़ने पर फैसला किया जाएगा।