मुंबई: लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली ने भारतीय अधिकारियों के सामने 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमले के बारे में बेहद अहम खुलासे किए हैं। अमेरिकी जेल में कैद हेडली ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए विशेष टाडा अदालत के न्यायमूर्ति जी. ए. सनप के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए। हेडली अब इस मामले में सरकारी गवाह बन चुका है। उसने पाकिस्तानी सेना के कई अधिकारियों की भूमिका का खुलासा किया है। साथ ही इंटर सर्विसिस इंटेलिजेंस, लश्कर-ए-तैयबा और इस हमले में शामिल अन्य गुनहगारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुंबई में 26/11 के हमले में 166 लोग मारे गए थे और सैंकड़ों अन्य घायल हुए थे।
हेडली ने यह भी बताया कि 2002 के आसपास पाकिस्तानी सेना ने किस तरह उसे गिरफ्तार कर लिया था, जब वह भारतीय सेना से लड़ रहे कश्मीरी समूहों को हथियारों और गोला-बारूद की खेप भेजने के लिए एक ड्रग तस्कर से मिलने जा रहा था।