चेन्नई: तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में बुधवार को बारिश के नए रेले ने पहले ही से बिगड़े बाढ़ के हालात को और बिगाड़ दिया। शहर के निचले इलाकों में हजारों लोगों के सामने बारिश ने जान-माल का खतरा पैदा कर दिया है।
शहर में राहत और बचाव के काम में सेना को लगाया गया है। बुधवार अपरान्ह तक सैनिकों ने 65 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। अधिकारियों ने बताया कि और अधिक सैनिकों को बेंगलुरु से चेन्नई भेजा जा रहा है।
दिल्ली में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि चेन्नई में जैसे हालात हैं वैसे कभी सुनने में नहीं आए। यह अप्रत्याशित है। उन्होंने केंद्र सरकार की तरफ से सभी मदद का भरोसा दिलाया।
बारिश की वजह से चेन्नई के कई इलाकों में बिजली और मोबाइल फोन सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं। शहर में स्कूल और कॉलेज 15 दिन के लिए बंद कर दिए गए हैं। भारी बारिश की वजह से हवाईअड्डा गुरुवार तक के लिए बंद कर दिया गया है। रनवे पर जलभराव की वजह से उड़ानें शुरू नहीं की जा सकीं हैं।
बहुत से यात्री हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन और बस स्टेशनों पर फंसे हुए हैं। अधिकांश बसें सड़क पर नहीं हैं। ट्रैक पर पानी आने की वजह से उपनगरीय रेलगाड़ियां रद्द कर दी गई हैं। ऑटो रिक्शा और टैक्सी वाले मौके का फायदा उठा रहे हैं। सवारियों से मनमाना किराया वसूला जा रहा है। बताया गया है कि हवाई अड्डे से अन्ना सलाई स्थित एक होटल तक तीन लोगों को पहुंचाने के लिए टैक्सी वाले ने 4,500 रुपये वसूल लिए।
बारिश का कहर मंगलवार रात से जारी है। लोगों ने इस डर से जगकर रात काटी की कहीं जलस्तर खतरनाक हद तक न बढ़ जाए। इस बार शास्त्री नगर, अन्ना नगर, अलवरपेट और मइलापोरा जैसे 'पॉश' इलाके भी बाढ़ से अछूते नहीं हैं। इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ।