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कसौली में अवैध होटलों को गिराने की कार्यवाही जारी

 Reported By: IANS
 Published : May 03, 2018 02:40 pm IST,  Updated : May 03, 2018 02:40 pm IST

विजय सिंह ने शर्मा पर कथित तौर पर तीन राउंड गोलियां चलाई, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस दौरान मजदूर गुलाब सिंह को भी पेट में गोली लगी। शर्मा बुधवार को मंडी जिले में उनके पैतृक स्थान पर अंतिम संस्कार किया गया।

Himachal Pradesh: Anti-encroachment drive continues in kasauli - India TV Hindi
कसौली में अवैध होटलों को गिराने की कार्यवाही जारी  

शिमला: हिमाचल प्रदेश के कसौली में होटलों और रिसॉर्ट्स के अवैध निर्माण को नष्ट करने का सिलसिला गुरुवार को कड़ी सुरक्षा के बीच जारी रहा। यहां मंगलवार को एक होटल मालिक ने एक महिला सहायक टाउन प्लानर शैल बाला शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। सहायक टाउन प्लानर शैल बाला शर्मा को अवैध ढांचे को तोड़ने के दौरान गोली मारे जाने के दो दिन बाद भी पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने में नाकामयाब रही है।

पुलिस महानिरीक्षक मोहित चावला ने संवाददाताओं को बताया, "आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर किसी भी तरह की जानकारी देने वाले के लिए नकद ईनाम का भी ऐलान किया गया है।" उन्होंने कहा कि ऐसी संभावना है कि मंगलवार को शर्मा को गोली मारने वाला विजय सिंह पंजाब फरार हो गया हो। उन्होंने कहा, "हमें यकीन है कि हम उसे जल्दी ही पकड़ लेंगे।"

महिला को कई राउंड गोलियां मारने के बाद हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लि. का कर्मचारी पास के वनक्षेत्र में गायब हो गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सिंह ने टाउन प्लानर को उस समय गोली मारी, जब वह उसके नारायणी गेस्ट हाउस में अवैध निर्माण हटाने को लेकर अदालत के आदेश को लागू करने पर जोर दे रही थी।

विजय सिंह ने शर्मा पर कथित तौर पर तीन राउंड गोलियां चलाई, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस दौरान मजदूर गुलाब सिंह को भी पेट में गोली लगी। शर्मा बुधवार को मंडी जिले में उनके पैतृक स्थान पर अंतिम संस्कार किया गया। राज्य में मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने चार महीने पुरानी जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को राज्य में बिगड़ रही कानून एवं व्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

कांग्रेस नेता मुकेश अग्निहोत्री ने आईएएनएस को बताया, "घटना के दो दिन बाद भी राज्य उन कमियों के लिए जिम्मेदारी अधिकारियों पर नकेल कसने में असफल रहे, जिस वजह से एक सरकारी कर्मचारी को जान से हाथ धोना पड़ा।" उन्होंने कहा कि जिस दिन यह अपराध हुआ उस दिन राज्य सरकार की पूरी मशीनरी जिले में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में व्यस्त थी और अवैध निर्माण गिराए जाने के अभियान के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए जानबूझकर पर्याप्त सुरक्षा की अनदेखी की गई।

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