हरदा: रेलवे के अधिकारियों के अनुसार हादसा देर रात हुआ है और राहत और बचाव कार्य जारी है। मुंबई से वाराणसी जा रही कामायनी एक्सप्रेस हरदा के पास पटरी से उतर जाने के चलते दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। दूसरी तरफ ठीक इसी स्थान पर क्रास कर रही जनता एक्सप्रेस भी ट्रैक धंस जाने के चलते पटरी से उतर गई। रेलवे के पीआरओ अनिल सक्सेना के अनुसार हादसा माचक नदी पर न होकर उससे ठीक आगे आसपास एक छोटी पुलिया के पास हादसा हुआ है। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार दोनों ट्रेन हादसों में मरने वालों की संख्या 13 तक पहुंच गई है। मरने वालों में 10 लोगों के शव जनता एक्सप्रेस से निकाले गए हैं वहीं 3 शव मुंबई से वाराणसी जा रही कामायनी एक्सप्रेस में सवार यात्रियों के बताए जा रहे हैं।
हेल्पलाइन नंबर हरदा : 09752460088
हेल्पलाइन नंबर :054222504221
11:30 मिनट पर क्रासिंग के समय हुआ हादसा
हरदा से 32 किलोमीटर दूर देर रात 11:30 और 11:45 के बीच माचक नदी के पुल से आगे जैसे ही कामायनी एक्सप्रेस आगे बढ़ी तो एक पुलिया के पास जमीन खिसकने के चलते ट्रैक धंसने के चलते हादसा हुआ बताया जा रहा है। ठीक उसी समय दूसरी तरफ से आ रही जबलपुर से मुंबई जा रही जनता एक्सप्रेस भी उसी समय घटना स्थल पर क्रास कर रही थी और वह भी पटरी से उतर गई। इस तरह से मप्र के हरदा जिले से 32 किलोमीटर दूर माचक नदी की सहायक नदी पर बनी एक पुलिया पर दो ट्रेनें हादसें की शिकार हो गई है।
दो दिन से हो रही थी भारी बरसात
हरदा और आसपास के इलाके में पिछले दो दिनों से भारी बरसात हो रही थी जिसके चलते आसपास की सड़कों के साथ ही जमीन भी धंस रही थी। जिस ट्रैक पर यह हादसा हुआ वहां भी बरसात होने कारण जमीन खिसकने के चलते ट्रैक धंस जाने के कारण एक साथ दो ट्रेनें क्रासिंग के समय पटरी से उतर गई और एक रात में दो बड़े रेल हादसे घटित हो गए।
सबसे बड़ा सवाल : ट्रैक पर पानी था तो रेलवे ने क्यों तोड़ा अपना ही नियम
पिछले दो दिनों से भारी बरसात के चलते ट्रैक पर पानी भर गया था और पुलिया पर से बहने लगा था और पटरियां भी लगभग डूबी हुई थी। ऐसा होने के बावजूद रेलवे ने ट्रेनों के आवागमन को नहीं रोका और अपना ही नियम भूलने के चलते यह बड़ा हादसा घटित हो गया। गौरतलब है कि रेलवे के नियमों के अनुसार जब ट्रैक पर पानी भर जाए तो उस रास्ते पर ट्रेनों के आवागमन को रोक दिया जाता है।
पटरियां पानी में डूब जाने से इनके नीचे की सामग्री बह गई : पीयूष माथुर
पश्चिम मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी पीयूष माथुर के अनुसार पटरियां पानी में डूब जाने से इनके नीचे की सामग्री बह गई जिससे कामायनी एक्सप्रेस के सात डिब्बे और जनता एक्सपे्रस के तीन डिब्बे तथा इंजन पटरी से उतर गए । माथुर ने कहा कि यह घटना हरदा के नजदीक खिरकिया और भिरंगी के बीच हुई । उन्होंने कहा, हादसा मंगलवार रात करीब 11 बजकर 30 मिनट पर हुआ क्योंकि भारी बारिश के चलते पटरियों के नीचे की सामग्री बह गई ।