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दुनिया का 7वां सर्वाधिक मूल्यवान देश बना भारत

 Written By: IANS
 Published : Nov 02, 2015 07:07 am IST,  Updated : Nov 02, 2015 09:32 am IST

नई दिल्ली: दुनिया के सर्वाधिक मूल्यवान 'ब्रांड' वाले देशों की सूची में भारत एक स्थान ऊपर उठते हुए सातवें स्थान पर पहुंच गया। इस सूची में शामिल शीर्ष-20 देशों में भारत के ब्रांड वैल्यू में

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दुनिया का 7वां सर्वाधिक मूल्यवान देश बना भारत

नई दिल्ली: दुनिया के सर्वाधिक मूल्यवान 'ब्रांड' वाले देशों की सूची में भारत एक स्थान ऊपर उठते हुए सातवें स्थान पर पहुंच गया। इस सूची में शामिल शीर्ष-20 देशों में भारत के ब्रांड वैल्यू में सर्वाधिक 2.1 अरब डॉलर अर्थात 32 फीसदी का इजाफा हुआ है।

वैश्विक कंपनी 'ब्रांड फाइनेंस' द्वारा तैयार किए गए सर्वाधिक मूल्यावान 'ब्रांड' वाले देशों की इस सूची के अनुसार, ब्रिक्स देशों में भारत एकमात्र देश है जिसके ब्रांड मूल्य में इजाफा हुआ है। ब्रिक्स के अन्य देशों, ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका को अपने-अपने पदक्रम में एक-एक स्थान का नुकसान हुआ है।

ब्रिक्स देशों में चीन के बाद भारत दूसरा सर्वाधिक मूल्यवान 'ब्रांड' वाला देश है। इसके बाद क्रमश: ब्राजील, रूस और दक्षिण अफ्रीका के नंबर आते हैं। 19.7 अरब डॉलर मूल्य के साथ अमेरिका शीर्ष पर बरकरार है। चीन दूसरे और जर्मनी तीसरे स्थान पर है।

ब्रांड फाइनेंस के अनुसार, अमेरिका दुनिया का सर्वाधिक मूल्यवान 'ब्रांड' वाला देश है। इसका अधिकांश मूल्य देश के अर्थतंत्र से आता है। इसके अलावा सर्वोच्च स्तर की शिक्षा व्यवस्था और सॉफ्टवेयर उद्यम के अलावा मनोरंजन उद्योग का भी इसमें अहम योगदान है।

चीन के ब्रांड वैल्यू में 6.3 अरब डॉलर अर्थात एक प्रतिशत की कमी आई है। इसके बावजूद वह अपना दूसरा स्थान कायम रखने में सफल है। ब्रांड फाइनेंस के अनुसार चीन के बाजार में हाल में आई गिरावट और विकास दर में आई कमी के कारण भी अमेरिका की शीर्ष स्थिति कायम रहने वाली है। इस सूची में ब्रिटेन चौथे, जापान पांचवें और फ्रांस छठे स्थान पर है।

फ्रांस और भारत दोनों ने एक-एक स्थान की छलांग लगाई है, लेकिन शीर्ष पर रहने वाले पांचों देश अपने स्थान पर टिके हुए हैं। किसी देश का ब्रांड वैल्यू उस देश में अगले पांच वर्षो में सभी ब्रांडों के उत्पादों की बिक्री के अनुमान के आधार पर तय होता है।

देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) को कुल राजस्व के प्रतिनिधि के तौर पर लिया जाता है।

विश्व बैंक की इसी सप्ताह जारी की गई एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण एशियाई देशों में भारत ने व्यापार नियमन के मामले में जबरदस्त सुधार किए हैं तथा कारोबार करने की सहजता के मामले में 134वें क्रम से उठकर 130वें क्रम पर पहुंच गया।

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