
एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, चीन युआन श्रेणी की आठ पनडुब्बी पाकिस्तान को बेचना चाह रहा है। उसी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पनडुब्बी शक्ति के मामले में भारत की स्थिति संकटपूर्ण है।
चीन की एक पारंपरिक पनडुब्बी 2014 में दो बार कोलंबो पहुंची थी। श्रीलंका ने हालांकि भारतीय चिंता का शमन करते हुए कहा था कि वह भारतीय हित के विरुद्ध कुछ भी नहीं करेगा।
भारत के पास 14 पनडुब्बी हैं, जिसमें से एक आईएनएस चक्र परमाणु हमला करने में सक्षम है। चीन के पास 68 और पाकिस्तान के पास पांच पनडुब्बियां हैं।
आईएनएस चक्र भारत ने रूस से 10 साल के लिए किराए पर लिया है।
रक्षा मामलों पर संसद की स्थायी समिति की रिपोर्ट (2014-15) के मुताबिक भारत की अधिकतर पनडुब्बियां पारंपरिक किस्म की हैं और 20 साल की अपनी जीवन यात्रा लगभग पूरी कर चुकी है।
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में कहा था कि गत 15 साल में भारतीय नौसेना ने दो पनडुब्बियां तैनात की हैं और पांच को सेवा से हटाया है।