नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिव के बीच मंगलवार को द्विपक्षीय वार्ता हुई जिसमें पठानकोट हमले की जांच और इस मामले में राजनीतिज्ञों के बीच प्रथम वार्ता लेकर हुई देरी पर बातचीत हुई। पाकिस्तान ने कहा है कि कश्मीर मुद्दे पर यूएनएससी के मुताबिक समाधान की जरूरत है। विदेश सचिव एस. जयशंकर और उनके पाकिस्तानी समकक्ष अजीज अहमद चौधरी ने भी माना कि इस मामले में बातचीत को लेकर देरी की हुई है।
सूत्रों के अनुसार, बातचीत में मुख्य ध्यान पठानकोट आतंकी हमले की जांच और इस संबंध में एनआईए की टीम के संभावित पाकिस्तान दौरे पर दिया जाएगा। पिछले साल दिसंबर में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के इस्लामाबाद में सीबीडी की घोषणा करने के बाद से जयशंकर और चौधरी के बीच यह पहली औपचारिक बैठक है। दोनों सचिवों ने इस साल मार्च में नेपाल में दक्षेस की एक बैठक के दौरान थोड़ी देर के लिए अनौपचारिक रूप से बातचीत की थी।
जनवरी महीने में पठानकोट वायुसेना स्टेशन पर आतंकी हमले के बाद विदेश सचिव स्तर पर सीबीडी बहाल करने की कोशिशों में गतिरोध आ गया था। भारत का कहना है कि पाकिस्तान स्थित आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने हमले को अंजाम दिया।
गौर हो कि पाकिस्तान के विदेश सचिव एजाज अहमद चौधरी मुख्य रूप से ‘हार्ट ऑफ एशिया के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक’ में हिस्सा लेने के लिए एक दिन के दौरे पर यहां पहुंचे।