नई दिल्ली: पिछले दो चुनावों के दौरान हमारी पहल को बड़ी संख्या में मिले जनता के अद्भुत समर्थन औऱ आलोचकों की प्रशंसा को ध्यान में रखते हुए इंडिया टीवी चुनाव मंच का शुभारंभ करने की घोषणा करता है। बिहार चुनावों पर केंद्रित यह मेगा-कॉन्क्लेव पूरे दिन चलेगा।
पिछले कुछ सालों के दौरान अपनी अनेक विशिष्ट पहल की वजह से चैनल ने बड़ी प्रतिष्ठा हासिल की है औऱ अब हमारी इस नई पहल से भी हम राजनीतिक खबरों के शौकीन दर्शकों और विश्लेषकों की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे। जैसा कि इंडिया टीवी की सभी इवेंट्स के लिए एक परिपाटी-सी बन गई है, इस कॉन्क्लेव में भी ऐसे बड़े राजनीतिक नाम शिरकत करेंगे, जिनकी राजनीतिक प्रतिष्ठा इन चुनावों में दांव पर है।
बहुत से लोग बिहार चुनावों को केंद्र की भाजपा/एनडीए सरकार के रिपोर्ट कार्ड की तरह भी देख रहे हैं, जिससे ये चुनाव आज के समय की सबसे बड़ी न्यूज़ इवेंट बन गए हैं। अन्य लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि अलग-अलग विचारधारा वाले राजनीतिक दलों के गठबंधन बिहार चुनाव की अग्निपरीक्षा में कितने खरे उतरते हैं।
बड़े-बड़े राजनेता जब अपनी विरोधी पार्टी के नेताओं की राज्य के बारे में राय पर अपने विज़न औऱ विश्वास के आधार पर चर्चा औऱ बहस करेंगे और राज्य से जुड़े मुद्दों पर उनसे सवाल पूछेंगे, तब वहां मौजूद वरिष्ठ पत्रकार औऱ राज्य के लोगों को प्रभावित करने वाले अन्य लोग बिहार से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर इन नेताओं को कठघरे में खड़ा करने से नहीं चूकेंगे।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और जीतन राम मांझी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, जद (यू) के अध्यक्ष शरद यादव, केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद, लोजपा अध्यक्ष राम विलास पासवान, पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी, अभिनेता और भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा, अभिनेता और भाजपा सांसद मनोज तिवारी आदि उन हस्तियों में शामिल हैं, जिन्होंने पहले ही कॉन्क्लेव में भाग लेने की स्वीकृति दे दी है।
बिहार चुनावों से पहले यह कॉन्क्लेव सबसे बड़ा सत्ता सम्मेलन साबित होने की ओर अग्रसर है औऱ इसका आयोजन 22 सितंबर 2015 को किया जा रहा है। इस कॉन्क्लेव की कार्यवाही का विशेष लाइव प्रसारण इंडिया टीवी पर पटना के होटल मौर्या से किया जाएगा।