नई दिल्ली: लुक ईस्ट नीति को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी इस हफ्ते पापुआ न्यू गिनी (पीएनजी) और न्यूजीलैंड की छह दिवसीय यात्रा पर जाएंगे जो उनकी इन दोनों देशों की पहली राजकीय यात्रा है। इस यात्रा को एक्ट ईस्ट यानी सरकार की लुक ईस्ट नीति का प्राकृतिक विस्तार करार देते हुए राष्ट्रपति के प्रेस सचिव वेनु राजमणि ने संवाददाताओं को बताया कि यह पीएनजी जैसे प्रशांत देशों के साथ भारत के आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
इस यात्रा से दवा कंपनियों को इस प्रशांत देश में अपना कारोबार स्थापित करने में मदद मिल सकती है क्योंकि वहां की सरकार ने इसी साल जनवरी में प्रतिबंध हटा लिया था। विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (दक्षिण) जयदीप मजूमदार ने बताया कि पीएनजी स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग में वृद्धि और सूचना प्रौद्योगिकी में कौशल निर्माण को लेकर भारत की ओर आशाभरी निगाहों से देख रहा है।
उन्होंने बताया कि जनसंख्या और क्षेत्रफल के लिहाल से सबसे बड़े प्रशांत द्वीप राष्ट्र पीएनजी में तेल, गैस और खनिजों के विपुल प्राकृतिक संसाधन हैं। राष्ट्रपति की यात्रा के बाद इन क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा आगे बढ़ाई जाएगी। राष्ट्रपति मुखर्जी 28 अप्रैल को पीएनजी पहुंचेंगे जिसके बाद स्वास्थ्य, आर्थिक सहयोग और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे। उनके साथ कृषि राज्यमंत्री संजीव बालियान और सांसदों का तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी होगा।
मजूमदार के अनुसार मुखर्जी की न्यूजीलैंड यात्रा 30 अप्रैल को प्रारंभ होगी। उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड के साथ भारत परंपरागत रूप से घनिष्ठ संबंध साझा करता है। वहां रहने वाले 1,75000 भारतीय हमारे संबंधों को और मजबूत करने में मददगार हैं। दोनों पक्ष कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, शिक्षा और कौशल विकास के साथ ही उच्च प्रौद्योगिकी में सहयोग की संभावनाओं की तलाश करेंगे।