नई दिल्ली: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को कहा कि मोदी सरकार विदेश में काम कर रहे भारतीय श्रमिकों की कठिनाइयों से परिचित है और उनकी बेहतरी की दिशा में काम कर रही है।
लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में सुषमा ने कहा कि भारतीय श्रमिकों की बहुलता वाले देशों के दूतावासों से कहा गया है कि वे भारतीयों का हर मुमकिन दिशा-निर्देशन करें और उनका ख्याल रखें। उन्होंने सदन को बताया, "सभी (भारतीय) श्रमिकों का सभी देशों में अच्छे से ख्याल रखा जा रहा है। मैं और प्रधानमंत्री इस मामले पर नजर रख रहे हैं।"
केंद्रीय मंत्री वी.के.सिंह के खिलाफ विपक्ष के भारी शोरगुल के बीच सुषमा ने कहा कि प्रधानमंत्री जब कभी भारतीयों को विदेश में संबोधित करते हैं, वह उनसे कहते हैं कि भारतीय राजनयिक मिशन किसी भी स्थिति में उनका ख्याल रखेंगे। सुषमा ने कहा कि सरकार सऊदी अरब के प्रशासन से बातचीत कर रही है, जहां यह प्रावधान है कि यदि कामगार देश छोड़ना चाहता है तो उसे नियोक्ता कंपनी से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना होगा।
सुषमा ने कहा, "हम सऊदी प्रशासन से बातचीत कर रहे हैं, जहां ऐसे नियोक्ता आम तौर पर एनओसी जारी नहीं करते, जिनके चंगुल से कामगार छूटना चाहते हैं।" उन्होंने कहा कि आव्रजन अधिनियम 1983 को संशोधित करने और आव्रजन जांच पड़ताल के प्रावधानों को बदल देने की जरूरत है, क्योंकि ये पुराने पड़ गए हैं। उन्होंने सदन को बताया, "हम इनकी जगह पर नया कानून लाना चाहते हैं।"