वाशिंगटन: रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने अमेरिका में राष्ट्रपति पद की रिपब्लिकन उम्मीदवारी की दौड़ में शामिल डोनाल्ड ट्रम्प के मुसलमानों से संबंधित विवादित बयान से जुड़े सवाल को टाल गए, लेकिन कहा कि भारत में हम समुदायों की ओर संदेह की निगाह से नहीं देखते हैं।
अमेरिका के एक पत्रकार की ओर से ट्रम्प की टिप्पणी को लेकर सवाल पूछे जाने पर पर्रिकर ने कहा कि यह सवाल परमाणु बम की क्षमता वाला है, लेकिन उन्होंने इस पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया कि वह इसको लेकर क्या सोचते हैं। उन्होने कहा, अमेरिका में जो बात हो रही है उस बारे में मैं टिप्पणी नहीं करूंगा, लेकिन जहां तक भारत का सवाल है तो हमारे यहां दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी रहती है। हमारा मानना है कि हर किसी के पास समान अवसर, समान अधिकार हैं।
पर्रिकर ने कहा, हां, चरमपंथ, कट्टरपंथ के कुछ छोटे धड़े हो सकते हैं, लेकिन वे इतने छोटे हैं कि उनको समाज के अलग तबके के तौर पर अलग से देखा जा सके। बीते मंगलवार को ट्रम्प ने अमेरिका में मुसलमानों के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगाने की पैरवी की थी। उनका यह विवादित बयान कैलीफोर्निया में गोलीबारी की घटना के बाद आया था।