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ISI के एजेंट WhatsApp और Viber के जरिए जानकारी पाकिस्तान को भेजते थे

 Written By: India TV News Desk
 Published : Nov 30, 2015 12:36 pm IST,  Updated : Nov 30, 2015 12:39 pm IST

नई दिल्ली: भारत की जासूसी के लिए ISI लोकप्रिय चैटिंग ऐप व्हाटसएप और वाइबर नेटवर्क के जरिए सूचनाएं भेजता था। ISI के एजेंट कैफीयतुल्ला खान और अब्दुल रशिद ईमेल, व्हाट्सएप और वाइबर के जरिए खुफिया

WhatsApp और Viber के जरिए ISI करा...- India TV Hindi
WhatsApp और Viber के जरिए ISI करा रहा है जासूसी!

नई दिल्ली: भारत की जासूसी के लिए ISI लोकप्रिय चैटिंग ऐप व्हाटसएप और वाइबर नेटवर्क के जरिए सूचनाएं भेजता था। ISI के एजेंट कैफीयतुल्ला खान और अब्दुल रशिद ईमेल, व्हाट्सएप और वाइबर के जरिए खुफिया जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाते थे। दोनों जासूस भारत के नागरिक हैं लेकिन काम पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए कर रहे थे। दोनों एजेंट्स को गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के लिए दिल्ली लाया गया है।

पुलिस इनसे ये जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही है कि अब तक इन्होंने कितनी और क्या-क्या जानकारी ISI तक पहुंचाई है। पुलिस अब्दुल रशिद के अब तक लिए गए सिम कार्ड्स की जानकारी भी खंगाल रही है।

पूछताछ में पता चला है कि सिर्फ 2 साल में इन दोनों ने जासूसों की फौज खड़ी कर दी थी जो कि देश भर में भारत के खिलाफ है। 2013 में पहली बार कैफीयतुल्ला पाकिस्तान गया और लौटने के बाद जासूसी करने लगा। पैसों के बदले में दोनों सैन्य बलों से जुड़ी सूचनाएं साझा करने लगे और भारतीय सेना से जुड़ी कई खुफिया जानकारियां देने पर सहमत हो गये।

पहले अब्दुल राशिद, कैफीयतुल्ला को जानकारी देता और फिर कैफीयतुल्ला ISI के बताता था कि बॉर्डर पर बीएसएफ के कितने पोस्ट है ?, किस पोस्ट पर कितने सैनिक मौजूद हैं ?, सैनिकों के पास किस तरह के हथियार हैं ?, पोस्ट पर कैसी सुरक्षा व्यवस्था है ?, एयर ऑपरेशन की भी जानकारी देता था।

पूछताछ के दौरान खान ने कहा कि वह राजौरी जिले के मजानकोट में एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पुस्तकालय सहायक के तौर पर काम करता है। उन्होंने बताया , 2013 में वह पाकिस्तान गया और आईएसआई के एजेंट के संपर्क में आया। वह पैसे के बदले में सैन्य बलों से जुड़ी सूचनाएं साझा करने पर सहमत हो गया। उन्होंने बताया कि खान ने जल्द ही भारतीय सेना और बीएसएफ में सूत्रों को तलाशना शुरू कर दिया और उनमें से कुछ ने उसे कथित तौर पर गोपनीय दस्तावेज मुहैया कराने भी शुरू कर दिए।

पुलिस के अनुसार, सूचना अधिकतर ईमेल, व्हाट्सअप और विबर नेटवर्क के जरिए भेजी जाती थी। पीआईओ ने खान को विशेष रूप से सुरक्षा बलों की तैनाती और वायुसेना के अभियानों की जिम्मेदारी सौंपी। वह कथित रूप से जासूसी रैकेट में और लोगों को भर्ती करने के लिए भोपाल जा रहा था। हेड कांस्टेबल राशीद उसका रिश्तेदार था और खान ने पाकिस्तान में कथित आईएसआई एजेंट से मिली कमीशन की राशि में से कुछ हिस्सा देकर उसे भी जल्द ही नेटवर्क में शामिल कर लिया। पुलिस ने तुरंत राशीद के राजौरी जिले में स्थित घर पर छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया तथा उसके परिसर से और गोपनीय दस्तावेज बरामद किए गए।

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