नई दिल्ली: पूरी दुनिया में अपने आतंक से दहशत का पर्याय बन चुके आतंकी सगठन ISIS ने भारतीय बंधकों पर रहमदिली दिखाई है। संगठन के चंगुल से छूटे दो भारतीयों ने एक दिलचस्प कहानी सुनाई है। उन्होंने बताया कि ISIS ने उनके साथ ऐसा कोई भी बर्ताव नहीं किया जैसा कि उनके बारे में सुना और पढ़ा जाता है। इन लोगों ने यह भी कहा कि वो लोग शिक्षकों की यानि की तालीम देने वालों की बहुत इज्जत करते हैं और उन्हें मारते नहीं है। गौरतलब है कि लीबिया के सिर्ते शहर में चार भारतीयों को इस संगठन ने अगवा कर लिया था। जानकारी के मुताबिक ये सभी सिर्ते यूनीवर्सिटी में पढ़ाते हैं।
पूछा धर्म और पेशा...सब कुछ बदल गया-
अगवा हुए चारो लोगों जो कहानी सुनाई है वो हैरान करने वाली है। आतंकियों द्वारा रिहा किए गए 56 वर्षीय विजय कुमार ने बताया कि उन्हें एक बंद कमरे में रखा गया था। हालात ये थे कि उन्हें सिर्फ गाड़ियों की आवाज ही सुनाई पड़ रही थीं। विजय ने बताया कि दहशत का आलम यह था कि हम सभी के मन में पहले से सुनी सुनाई घटनाएं चल रही थी..हम सभी खौफ में थे। तभी एक बंदा वहां आता है...हमसे हमारा नाम, धर्म और पेशा पूछा। विजय ने कहा कि जब हमने उन्हें बताया कि हम सभी टीचर हैं तो उनका लहजा बदल गया। शेख ने फोन पर किसी से बात की और उससे कहा, “ठीक है, हम इन लोगों को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे और उनका ख्याल भी रखेंगे।”
विजय ने बताया कि यह जानकर कि हम टीचर हैं उनका लहजा नर्म हो गया। उस शेख ने हमसे कहा, “हम टीचर्स की इज्जत करते हैं। तुमने लीबियाई बच्चों को बहुत कुछ सिखाया है। हम तुम्हें हथकड़ी नहीं पहनाएंगे और न ही तुम्हारी आंखों को पट्टी से ढकेंगे।”
भारत भी कस रहा कमर-
जानकारी के मुताबिक भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल एक नए चक्रव्यूह का ब्लूप्रिंट तैयार कर रहे हैं ताकि ISIS को भारत में पांव पसारने से रोका जा सके।