नई दिल्ली: योजना आयोग के पूर्व सदस्य अरण मायरा ने आज कहा कि योजना आयोग को बंद कर उसकी जगह नयी संस्था नीति आयोग स्थापित करना एक अच्छी बात हुई।
मजे की बात है कि मायरा को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने समय में योजना आयोग का सदस्य बनाया था। मनमोहन सिंह ने हाल में कहा था कि योजना आयोग को खत्म करने के मोदी सरकार के फैसले के बाद से देश की आर्थिक नीति की कोई दिशा नहीं रह गयी। मायरा ने यहां साहित्योत्सव टाइम्स लिटफेस्ट में कहा, मैं कहूंगा कि एक बात अच्छी हुई ... मैं मानता हूं कि योजना आयोग को बंद करना और उसकी जगह एक दूसरी संस्था का संविधान स्थापित स्थापित करना एक अच्छी बात रही।
उन्होंने कहा कि भारत को इसे एक लोकतांत्रिक सांस्थानिक क्षमता बनानी होगी ताकि आर्थिक प्रगति स्वस्थ और सर्वस्पर्शी हो सके। नीति आयोग ऐसा करेगा या नहीं यह अभी एक खुला सवाल है पर इसका चार्टर :संविधान: अच्छा है। एक संस्था में आप को आज इसकी जरूरत है। हमारे लिए योजना आयोग की जरूरत 1991 में ही खत्म हो गयी थी पर हम उसमें बदलाव किये बिना सालों तक उसे चलाते रहे।
उन्होंने योजना आयोग को एक पुरानी अवधारणा की खुमारी बताते हुए कहा कि देश की प्रगति के साथ लोगों को जानना चाहिए कि भविष्य की जरूरत क्या होगी। उन्होंने योजना आयोग में केंद्रीयकृत योजना निर्माण के तरीके के संबंध में कहा, .. बजट मेरे हाथ में है, मैं आपको बताता हूं कि क्या करना है, सबको एक सांचे में बिठाने की कोशिश काम नहीं करती हैं। यह सोवियत संघ में चला।