श्रीनगर: श्रीनगर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कैंपस में हुआ बवाल अब बहुत बड़ा हो गया है। बुधवार को दिल्ली से लेकर श्रीनगर तक एनआईटी में मचे बवाल को खत्म करने की कोशिशें होती रहीं इस बीच केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने फैसला किया है कि वो कल श्रीनगर के एनआईटी कैंपस का दौरा करेंगी। पहले वो 13 अप्रैल को जाने वाली थीं लेकिन हालात को देखते हुए वह कल ही वहां जाएंगी।
बुधवार को एचआरडी मिनिस्ट्री के सीनियर अफसरों को तुरंत श्रीनगर जाना पड़ा। कैंपस में छात्रों ने उनके सामने अपनी मांगों की झड़ी लगा दी। एचआरडी मिनिस्ट्री के 2 बड़े अधिकारियों ने जम्मू कश्मीर में एनआईटी के छात्रों से मुलाकात की। छात्रों ने यूनिवर्सिटी को श्रीनगर से बाहर शिफ्ट किए जाने की मांग की। छात्रों का आरोप है कि अरसे से उनके साथ एनआईटी में बुरा सलूक होता आया है और इस मुद्दे पर अब वो किसी तरह का समझौता नहीं करेंगे।
स्मृति ईरानी आज गुजरात में थी और उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि संस्थान में 'सुरक्षित माहौल' में परीक्षा करवाई जाएगी। स्मृति ईरानी ने कहा कि हालांकि कानून-व्यवस्था का मुद्दा राज्य का विषय है, लेकिन उन्होंने जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से बात की है और महबूबा ने उन्हें आश्वास्त किया है कि संस्थान के सभी छात्र सुरक्षित रहेंगे और किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
छात्रों की भीड़ पर कैसे टूट पड़ी पुलिस?
श्रीनगर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कैंपस में मंगलवार को बड़ा बवाल हुआ। बड़ी तादाद में पुलिस NIT कैंपस में घुसी और छात्रों पर ऐसे टूट पड़ी कि सारी हदें पार कर गई। हाथों में डंडे लिए पुलिस ने छात्रों को दौड़ा-दौड़ा कर पीट दिया। ये बवाल तब मचा जब छात्रों का हुजूम कैंपस के मेन गेट तक पहुंच गया था और अपनी बात मीडियावालों से बताना चाह रहा था। उस दौरान पुलिस ने उन्हें रोका और फिर छात्रों पर बर्बरता से टूट पड़ी। अचानक हुई इस पुलिसिया कार्रवाई में NIT के कई छात्र घायल पड़े हैं। किसी के हाथ मे चोट लगी है, किसी की टांग में तो किसी की सिर और कमर में। छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने बेवजह लाठियां चलाई और चुन-चुनकर छात्रों को निशाना बनाया गया।
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