1. Hindi News
  2. झारखण्ड
  3. झारखंड से बड़ी खबर, एक करोड़ से ज्यादा का इनामी माओवादी मिसिर बेसरा गिरफ्तार

झारखंड से बड़ी खबर, एक करोड़ से ज्यादा का इनामी माओवादी मिसिर बेसरा गिरफ्तार

 Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
 Published : Jul 29, 2026 07:42 am IST,  Updated : Jul 29, 2026 08:26 am IST

झारखंड में पुलिस को माओवादियों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है और एक करोड़ से ज्यादा का इनामी माओवादी मिसिर बेसरा गिरफ्तार हो गया है।

Maoist Misir Besra - India TV Hindi
इनामी माओवादी मिसिर बेसरा गिरफ्तार Image Source : INDIA TV

रांची: झारखंड से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का इनामी और टॉप माओवादी मिसिर बेसरा को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस ने बताया कि मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी झारखंड के धनबाद जिले से हुई। मिसिर की गिरफ्तारी को पुलिस एक बड़ी सफलता मान रही है। बता दें कि माओवादियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जाते रहे हैं।

जनवरी में भी मारा गया था एक करोड़ का इनामी माओवादी कमांडर 

जनवरी 2026 में भी झारखंड में एक करोड़ का इनामी माओवादी कमांडर अनल दा उर्फ तूफान मारा गया था। झारखंड के सारंडा जंगलों में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में अनल दा मारा गया था। कोबरा और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में कुल 8 माओवादी ढेर हुए थे, जिसे सुरक्षाबलों ने बड़ी कामयाबी माना था।

अनल दा उर्फ तूफान का असली नाम पतिराम मांझी उर्फ पतिराम मरांडी उर्फ रमेश था और वह भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) यानी CPI (माओ) का सेंट्रल कमिटी सदस्य (CCM) था। वह माओवादियों का रणनीतिकार था और संगठन की योजनाएं बनाने में माहिर था। उस पर एक करोड़ का इनाम रखा गया था, इसी बात से उसकी अहमियत समझी जा सकती है कि वह कितना बड़ा माओवादी था।

जिस समय अनल दा के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ हुई, उस समय अनल दा सारंडा के जंगलों में छिपा हुआ था। गौरतलब है कि सारंडा के जंगल काफी घने हैं और माओवादी अक्सर छिपने के लिए इन्हीं जंगलों की शरण लेते हैं। जंगल के अंदर घुसकर इन माओवादियों को पकड़ना काफी मुश्किल होता है क्योंकि ये चारों तरफ फैले होते हैं और अंधेरे में इनकी टोह लेना काफी मुश्किल है।

हालांकि अनल दा के साथ जब सुरक्षाबलों की मुठभेड़ हुई तो अनल समेत कुल 8 लोग मारे गए। गौरतलब है कि बीते कुछ सालों में बड़ी संख्या में माओवादी मारे गए हैं और इनके खिलाफ लगातार अभियान चलाया गया है।

माओवाद को खत्म करने के लिए सरकार ने भी काफी प्रयास किए हैं और कई तरह के कार्यक्रम चलाकर लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश की है। हालांकि अभी भी कुछ माओवादी एक्टिव मोड में हैं।

इससे पहले सितंबर 2025 में भी सुरक्षाबलों ने तीन माओवादी मार गिराए थे। (इनपुट- PTI)

ये भी पढ़ें-

चाईबासा: नक्सली संगठन भाकपा के दो माओवादी गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार और गोला- बारूद बरामद

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। झारखण्ड से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।