झारखंड हाईकोर्ट ने हेमंत सोरेन सरकार को झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC के चेयरमैन और मेंबर्स की नियुक्ति के लिए दो महीने की डेडलाइन दी है। चीफ जस्टिस एम.एस. सोनाक और जस्टिस राजेश शंकर की बेंच ने उस याचिका पर सुनवाई की, जिसे हाईकोर्ट ने JPSC में चेयरमैन और सदस्यों की कमी को लेकर Suo Motu शुरू किया था। इस दौरान, एडवोकेट जनरल रोहिताश्व रॉय ने झारखंड हाईकोर्ट को बताया कि चेयरमैन के पद के लिए नियुक्ति का प्रोसेस जल्द ही पूरा होने वाला है।
अब 19 नवंबर को होगी मामले की अगली सुनवाई
इसके बाद, झारखंड हाईकोर्ट ने एडवोकेट जनरल को निर्देश दिया कि वे इस केस में 18 नवंबर तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करें। अदालत अब इस मामले की सुनवाई 19 नवंबर को करेगी। इससे पहले, याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने झारखंड सरकार को निर्देश दिया था कि वह बताए कि JPSC के चेयरमैन और सदस्यों की नियुक्ति का प्रोसेस कब तक पूरा कर लिया जाएगा।
क्यों लिया गया था JPSC मामले का Suo Motu?
गौरतलब है कि झारखंड हाईकोर्ट वन विभाग में अफसरों और कर्मचारियों की कमी से जुड़ी एक याचिका को सुन रहा था, जिसके दौरान यह जानकारी दी गई कि JPSC में चेयरमैन और सदस्यों के पद खाली हैं। चेयरमैन न होने के कारण अलग-अलग सरकारी डिपार्टमेंट में नए अफसरों और कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया पर भी प्रभाव पड़ा है। हाईकोर्ट ने पहले कहा था कि JPSC एक संवैधानिक संस्था है और चेयरमैन का पद लंबे वक्त तक खाली नहीं छोड़ा जा सकता है।
पिछले JPSC चेयरमैन को अगस्त में किया गया था अरेस्ट
जान लें कि JPSC के पूर्व चेयरमैन L Khiangte को बीते 10 अगस्त को अरेस्ट किया गया था। यह गिरफ्तारी उस घटना के एक दिन बाद हुई जब JPSC की तरफ से आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर कैंडिडेट्स के जबरदस्त विरोध के बीच पैनल के तीनों मेंबर्स ने इस्तीफा दे दिया था।
CID की पूछताछ से पहले JPSC मेंबर्स ने दिया था इस्तीफा
बता दें कि चीफ सेक्रेटरी के पद से रिटायरमेंट के बाद, पिछले साल फरवरी में L Khiangte को JPSC का चेयरमैन एपॉइंट किया गया था। स्टूडेंट्स के विरोध-प्रदर्शन के बीच, बीते 9 अगस्त को JPSC के तीनों मेंबर्स ने त्यागपत्र दे दिया था। ये त्यागपत्र तब आए थे जब CID ने पेपर लीक सहित गड़बड़ियों के आरोपों के संबंध में पूछताछ के लिए तीनों मेंबर्स को बुलाया था। इससे पहले, हेमंत सोरेन सरकार को बड़ा झटका तब लगा था जब हाईकोर्ट ने JPSC परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले पर रोक लगाई थी।
(इनपुट- PTI)
ये भी पढ़ें- झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, JPSC के बाद JSSC CGL की नियुक्ति रद्द करने के आदेश पर भी रोक