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जाट आंदोलन: रोहतक में प्रदर्शनकारियों ने सड़के खोदीं, हेलीकॉप्टरों से सेना की तैनाती

 Written By: India TV News Desk
 Published : Feb 20, 2016 12:08 pm IST,  Updated : Feb 20, 2016 03:21 pm IST

रोहतक में जाट आंदोलन उग्र और बेक़ाबू होता जा रहा है। आरक्षण की मांग कर रहे जाट आंदोलनकारियों ने शुक्रवार को देर रात तक हंगाम मचाया और तोड़फोड़ की। उन्होंने शहर में सेना को आने से रोकने के लिए सड़कें तक खोद दीं।

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चंडीगढ़/रोहतक: हरियाणा में जाट आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया है, जिसका सबसे अधिक असर रोहतक जिले में देखा जा रहा है। यहां स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए सेना की तैनाती हेलीकॉप्टरों के जरिये की गई है, क्योंकि आंदोलनकारियों ने सेना के जवानों के प्रवेश से संबंधित सभी सड़क मार्गो को बंद कर रखा है। शहर में शुक्रवार रात भी लूटपाट और आगजनी की घटनाएं हुई। अनियंत्रित भीड़ ने मॉल, दुकानों और अन्य इमारतों को निशाना बनाया और इनमें से कई को आग के हवाले कर दिया।

सड़कों पर नाकेबंदी के कारण सेना की तैनाती वायुसेना के हेलीकॉप्टरों के जरिये की गई। वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने कई खेप में जवानों को रोहतक के विभिन्न हिस्सों में पहुंचाया। वायुसेना के हेलीकॉप्टर पुलिस लाइन्स परिसर में उतरे।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "करीब 20-30 जवानों को हेलीकॉप्टरों से रोहतक लाया गया है। उन्हें उन इलाकों में तैनात किया जाएगा, जहां जाट प्रदर्शनकारियों का सर्वाधिक प्रभाव है।"

रोहतक और भिवानी में शुक्रवार शाम कर्फ्यू लगा दिया गया और प्रशासन ने उपद्रवियों को देखते ही गोली मार देने का आदेश दिया है।

एक सप्ताह पहले शुरू हुए आंदोलन ने शुक्रवार को और भी उग्र रूप ले लिया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और सुरक्षा बल के जवानों सहित 10 से अधिक लोग घायल हो गए।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हरियाणा के आठ जिलों- रोहतक, भिवानी, झज्जर, सोनीपत, हिसार, पानीपत, जिंद और कैथल जिलों में सेना बुलाई गई है।

जाट समुदाय के लोग सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण की मांग कर रहे हैं।

अंग्रेज़ी दैनिक ट्रिब्यून के अनुसार कुरुक्षेत्र के सांसद राज कुमार सैनी ने धमकी दी है कि अगर सरकार रविवार तक राज्य में सामान्य हालात बहाल करने में नाकाम रहती है तो वे जाट आंदोलनकारियों का ख़ुद “मुक़ाबला” करेंगे।

सैनी ने कहा कि वे प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ ''सीधी कार्रवाई'' के लिए 35 समुदायों को एकजुट करेंगे। उन्होंने कहा कि वह विशाखापत्तनम में हैं लेकिन स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं। “सरकार को सड़कें और रेल पटरियां साफ करनी चाहिये। जाटों की मांग एकदम नाजायज़ है और हमें मंज़ूर नही है।”

सैनी ने कहा, “जब कानून-व्यवस्था बनाये रखने की ज़िम्मेदारी राज्य सरकार की है तो फिर आंदोलनकारियों से क्यों अपील की जा रही है? ओबीसी ब्रिगेड जाटों से मुक़ाबले के लिए तैयार है। संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नही है जिसके तहत ओबीसी के कोटे से आरक्षण का हिस्सा जाटों को दिया जा सके। राजनीतिक लाभ के लिए सामाजिक रुप से पिछड़े वर्ग के साथ समझौता नहीं हो सकता।”

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