नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी एक और विवाद के मुहाने पर आ खड़ा हुआ है। यहां 11 शिक्षकों ने एक ऐसी रिपोर्ट तैयार की जिसमें यूनिवर्सिटी को 'संगठित सेक्स का अड्डा ' बताया गया है। द वायर की खबर के मुताबिक 200 पन्नों की रिपोर्ट में यूनिवर्सिटी को ' संगठित सेक्स रैकेट चलाने वालों का अड्डा' बताया गया है।
यह रिपोर्ट जेएनयू प्रशासन को सौंपी जा चुकी है। बताया जा रहा है कि जिन शिक्षकों ने यह रिपोर्ट तैयार की है, वो भारतीय जनता पार्टी और उसकी स्टूडेंट विंग एबीवीपी के करीबी हैं। इन शिक्षकों के संगठन का नेतृत्व कर रही सेंटर फॉर लॉ एंड गवर्नेंस की प्रोफेसर अमिता सिंह ने दावा किया कि जेएनयू हॉस्टल की मेस में सेक्स वर्करों को आना आम बात है।
अमिता सिंह ने कहा, 'एक हजार से ज्यादा छात्र-छात्राओं पर शराब पीने और दूसरी अनैतिक गतिविधियों के लिए 2 हजार से लेकर 5 हजार रुपए तक जुर्माना लगाया जा चुका है। हॉस्टल के गेटों पर कोई भी शराब की सैंकड़ों बोतलें देख सकता है। हॉस्टल की मेस में सेक्स वर्करों का आना आम है। ये सेक्स वर्कर जेएनयू की लड़कियों को लालच देती हैं और लड़कों का दिमाग गंदा करती हैं। उन्होंने कहा कि इस रैकेट में सिक्योरिटी स्टाफ के कुछ लोग भी शामिल हैं। पैसे, सेक्स, ड्रग्स और शराब के चक्कर में नए छात्र भी फंसते जा रहे हैं।