
उन्होंने बताया कि जब कलाम ने उस जवान को बुलाया था तो वह पहले डर गया। लेकिन तब वीवीआईपी ने कांस्टेबल से कहा था कि वह अपना काम सही से कर रहा है। कलाम के निधन पर शोक व्यक्त करते हुये खरकरांग ने कहा, सामान्य चीजों को भी अहमियत देनेसादगी से जिंदगी जीने की उनकी समझदारी ने उन्हें वास्तव में महान बनाया। कलाम कल शाम 5.40 मिनट पर शिलांग में आईआईएम के गेस्ट हाउस पहुंचे थे और क्रिएटिंग ए लिवेबल प्लानेट व्याख्यान शुरू होने के दौरान वह गिर पड़े। उन्हें वहां के बेथानी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के मेडिकल बोर्ड ने शाम सात बज कर 45 मिनट पर उन्हें मृत घोषित कर दिया। शहर में अपनी अंतिम सांस लेने वाले कलाम के सम्मान में मेघालय सरकार ने आज राज्य में अवकाश घोषित कर दिया है।