नई दिल्ली: पाकिस्तान की जेल बंद भारतीय कैदी कृपाल सिंह का शव आज वाघा बॉर्डर के रास्ते हिंदुस्तान पहुंच गया। कृपाल सिंह का शव जैसे ही पाकिस्तान से पंजाब पहुंचा घरवालों रोने बिलखने लगे। गुरदासपुर के रहने वाले किरपाल 1991 में अचानक घर से लापता हो गए और फिर कभी लौट कर नहीं आए, आज उनका शव भारत लौटा।
हालांकि पाकिस्तान की जेल में कैद रहने के दौरान उन्होंने घरवालों को कई चिट्ठियां लिखी जिसमें उन्होंने मदद की गुहार लगाई थी। लिखा था कि भारत सरकार से गुहार करें। उन्होंने अपने खत में ये भी लिखा था कि क्या घरवाले उनके शव का इंतजार कर रहे हैं। आखिरकार वही हुआ जिसका डर था, पाकिस्तान जेल में कृपाल सिंह की संदिग्ध हालात में मौत हो गई।

कृपाल सिंह के पार्थिव शरीर के साथ उनका सामान भी आया है। इस सामान में उनके कपड़ों के साथ साथ परिवार की तस्वीरें और एक चिट्ठी मिली है। कहा जा रहा है कि ये कृपाल सिंह वो आखिरी चिट्ठी है जो उन्होंने मौत से पहले लिखी थी लेकिन ये चिट्ठी परिवार तक नहीं पहुंच पाई थी। आज जब इस चिट्ठी को पढ़ा गया तो परिवार के आंखों से आंसू छलक गए।
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