नई दिल्ली: आमतौर पर लोगों के मुंह से सुना जाता हैं कि स्त्रियां कोई भी बात अपने पेट में नहीं पचा पाती हैं। अगर कोई लड़का भी किसी दूसरे का राज किसी तीसरे को बता देता है तो उसे भी धिक्कारते हुए यही कहा जाता है कि फलां व्यक्ति औरतों की तरह कोई भी बात अपने पेट में नहीं पचा पाता है, लेकिन क्या आपको मालूम है कि औरतों में इतना बड़ा दुर्गुण क्यों होता है और क्यों महिलाएं कोई भी राज अपने मन में छुपा कर नहीं सख पाती हैं, न चाहते हुए भी किसी न किसी के सामने उसका खुलासा कर ही देती हैं।
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दरअसल इस तथ्य के पीछे एक खास प्रसंग है जिसका उल्लेख महर्षि वेदव्यास की महाभारत में मिलता है। वेदव्यास की महाभारत कहती है कि धर्मराज युधिष्ठिर ने ही संसार की समस्त नारी जाति को यह श्राप दिया था कि वो कोई भी बात गुप्त नहीं रख पाएंगी। तब ऐसा श्राप किस कारण से दिया गया था और धर्मराज युधिष्ठिर ने आखिर ऐसा क्यों किया उसे जानकर भी आपको हैरानी होगी। आखिर ऐसी कौन सी वजह रही जो धर्मराज को समस्त्र स्त्री जाति को श्राप तक देने को मजबूर होना पड़ा था। जानिए स्त्रियों के कोई भी राज न छुपा पाने का महाभारत से जुड़ा अनोखा प्रसंग।
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