नई दिल्ली: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर पद के इंटरव्यूज में गड़बड़ की जानकारी के बाद जांच के आदेश दिए, जिसमें कहा गया है कि सलेक्टिड कैंडिडेट्स को 20 में से 22 अंक दे दिए गए। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि डॉक्टर अजायब सिंह की शिकायत के आधार पर स्टेट विजिलैंस ब्यूरो को जांच सौंपी गई है। डॉक्टर सिंह ने सितंबर 2012 में हिन्दी के सहायक प्रोफेसर पद के लिए आवेदन किया था और वह कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा कराए गए इंटरव्यूज में शामिल हुए थे।
151 कैंडिडेट्स का चयन समिति ने इंटरव्यू किया, जिसके बाद डॉक्टर वंदना शर्मा को इस पद के लिए चुना गया।
प्रवक्ता ने कहा कि RTI कानून के तहत उनके द्वारा हासिल सूचना के आधार पर शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वंदना का चयन अवैध और अनुचित तरीके से हुआ। उन्होंने दावा किया कि सलेक्टिड कैंडिडेट्स को 'शैक्षणिक रिकॉर्ड एवं अनुसंधान कार्य’ के वस्तुनिष्ठ मानदंड में 50 में से केवल 22 अंक मिले, जबकि उन्हें विषय के ज्ञान में 25 में से सर्वाधिक 18 अंक प्राप्त हुए।
प्रवक्ता के अनुसार, 'शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सलेक्टिड कैंडिडेट्स को इंटरव्यू में 20 में से 22 अंक दे दिए गए। और कहा कि शिकायकर्ता ने दावा किया कि शैक्षणिक रिकॉर्ड एवं अनुसंधान कार्य में 50 में से सबसे ज्यादा 36 अंक प्राप्त करने के बावजूद उन्हें विषय के ज्ञान में कुल 25 में से सिर्फ 11 अंक दिए गए।' शिकायतकर्ता ने कहा कि उन्हें कुल 100 में से 65 अंक मिले, जबकि चुने गए अभ्यर्थी को 100 में से 67 अंक दिए गए।